दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने कहा है कि केंद्र और दिल्ली सरकार ने ‘दिल्ली स्लम एवं झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति, 2026’ को अंतिम रूप दे दिया है। इस नीति के तहत राजधानी में झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, पहले चरण में 5 झुग्गी-झोपड़ी (JJ) क्लस्टर के लिए पुनर्वास परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य झुग्गी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर आवास के साथ-साथ जरूरी नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि नई पुनर्वास कॉलोनियों में केवल आवास की सुविधा ही नहीं होगी, बल्कि स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, खेल के मैदान और आंगनवाड़ी केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि इस नीति को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में अंतिम रूप दिया गया। उन्होंने बताया कि नीति के तहत पहले चरण में पांच झुग्गी-झोपड़ी (JJ) बस्तियों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) अगले 45 दिनों के भीतर पांच झुग्गी बस्तियों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनर्वास परियोजनाओं के तहत लोगों को आवास के साथ-साथ स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, खेल मैदान और आंगनवाड़ी केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पहले चरण में इन इलाकों की झुग्गी बस्तियां शामिल
एक अधिकारी के अनुसार, ‘दिल्ली स्लम एवं झुग्गी-झोपड़ी पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति, 2026’ के तहत पहले चरण के लिए पांच झुग्गी क्लस्टर चिन्हित किए गए हैं। इनमें पूर्वी दिल्ली का मयूर विहार, उत्तर-पूर्वी दिल्ली का सीलमपुर, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली का सुल्तानपुरी, दक्षिण-पूर्वी दिल्ली का लाजपत नगर और उत्तरी दिल्ली का पीतमपुरा शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि दिल्ली सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर आधारित कम से कम पांच पुनर्वास परियोजनाओं के लिए हर महीने टेंडर जारी करेगी। पहले चरण में इन पांच बस्तियों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। प्रस्तावित पुनर्वास कॉलोनियों में लोगों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, खेल मैदान और आंगनवाड़ी केंद्र जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
रेस कोर्स के पास झुग्गी बस्तियों को हटाने की मांग
इस नीति को लेकर हुई उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल, दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब रेस कोर्स क्षेत्र के पास मौजूद झुग्गी बस्तियों को हटाने के प्रस्ताव को लेकर कानूनी प्रक्रिया चल रही है। केंद्र सरकार ने इन बस्तियों से निवासियों को हटाने की मांग की थी। केंद्र का कहना है कि ये झुग्गियां वायु सेना स्टेशन से सटे संरक्षित क्षेत्र में स्थित हैं। केंद्र ने अदालत के समक्ष तर्क दिया था कि रक्षा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सार्वजनिक सुरक्षा के हित में अनधिकृत निर्माण हटाना जरूरी है। हालांकि, इस महीने की शुरुआत में दिल्ली हाई कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि जिन निवासियों ने अभी तक अपने घर खाली नहीं किए हैं, उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।
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