कुमार इंदर, जबलपुर। शहर के चर्चित और विवादित ‘स्मार्ट सिटी अस्पताल’ पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। हत्या के गंभीर आरोपों में अस्पताल संचालक डॉक्टर अमित खरे की गिरफ्तारी के बाद प्रशासन के निर्देशों पर अस्पताल का लाइसेंस एक महीने के लिए सस्पेंड (निरस्त) कर दिया गया है।

मरीज मेडिकल कॉलेज शिफ्ट

अस्पताल का लाइसेंस निरस्त होने के तुरंत बाद वहां भर्ती मरीजों की सुरक्षा और बेहतर इलाज को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सभी मरीजों को शासकीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट कर दिया है।

8 लोगों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार हुआ था

उल्लेखनीय है कि शनिवार को पुलिस ने स्मार्ट सिटी अस्पताल के संचालक और मुख्य आरोपी डॉक्टर अमित खरे को 8 लोगों की हत्या (नरसंहार/गंभीर हत्या के मामले) के आरोप में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने शहर में आरोपी अमित खरे का पैदल जुलूस भी निकाला था।

दूसरे डॉक्टर के नाम पर रजिस्टर्ड था अस्पताल

प्रशासनिक जांच में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। अस्पताल का संचालन अमित खरे कर रहा था, लेकिन कागजों में अस्पताल का पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) किसी और के नाम पर दर्ज था। जानकारी के अनुसार, अस्पताल का रजिस्ट्रेशन होम्योपैथी डॉक्टर डॉ. सुभाष के नाम पर कराया गया था, जो स्वास्थ्य नियमों का सीधा उल्लंघन है।

पहले भी निरस्त हो चुका है लाइसेंस

अस्पताल संचालक अमित खरे और विवादों का चोली-दामन का साथ रहा है। यह पहला मौका नहीं है जब उसके अस्पताल पर कोई गाज गिरी हो। इससे पहले भी नियम-विरुद्ध गतिविधियों और गड़बड़ियों के चलते कई बार अमित खरे के अस्पताल का लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है। फिलहाल, पुलिस आरोपी अमित खरे के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर रही है, वहीं स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन अस्पताल के पंजीयन और अन्य दस्तावेजों की गहनता से जांच में जुटा है।

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