कुंदन कुमार/पटना/लखनऊ: समाज कल्याण विभाग की मंत्री श्वेता गुप्ता ने विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर एक कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि विभाग के भीतर किसी भी प्रकार की लापरवाही या वित्तीय अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जांच में कहीं भी कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

​विभागीय योजनाओं की होगी गहन समीक्षा

​मंत्री श्वेता गुप्ता ने घोषणा की है कि वर्तमान में विभाग के अंतर्गत संचालित सभी जन-कल्याणकारी योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की जाएगी। इस ऑडिट का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी धन का सही उपयोग हो रहा है या नहीं। उन्होंने कहा, हम हर योजना की फाइल खंगालेंगे। अगर कहीं भी भ्रष्टाचार की बू आई, तो दोषियों को पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

​पेंशन योजनाओं पर विशेष नजर और संभावित संशोधन

​समाज कल्याण विभाग के तहत चल रही विभिन्न पेंशन योजनाओं (वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन) पर मंत्री ने विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं की फिर से समीक्षा होगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंच रहा है।
​उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि समीक्षा के दौरान योजनाओं के नियमों में किसी बदलाव की आवश्यकता महसूस हुई, तो सरकार जनता के हित में संशोधन करने से भी पीछे नहीं हटेगी। सरकार का लक्ष्य प्रक्रियाओं को सरल बनाना और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।

​पारदर्शिता और जवाबदेही तय होगी

​मंत्री के इस बयान से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। श्वेता गुप्ता ने साफ किया कि उनका लक्ष्य विभाग को बिचौलियों और भ्रष्टाचार से मुक्त करना है, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।