हरियाणा के सोनीपत में भीषण गर्मी के बीच बिजली और पानी की भारी किल्लत के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। अधिकारियों द्वारा कोई सुनवाई न होने से आक्रोशित स्थानीय निवासियों और भाजपा पार्षदों ने गोहाना मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया।

सोनीपत। भीषण गर्मी के इस दौर में हरियाणा के सोनीपत शहर के भीतर पेयजल और विद्युत आपूर्ति की चरमराई व्यवस्था ने नागरिकों की मुश्किलों को अत्यधिक बढ़ा दिया है। सरकारी तंत्र की ओर से निर्बाध आपूर्ति के बड़े-बड़े दावों के विपरीत धरातल पर लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। सोनीपत नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में जल एवं बिजली संकट से त्रस्त स्थानीय जनता अब व्यवस्था से जवाब मांग रही है।

अव्यवस्था से तंग आकर आक्रोशित नागरिकों ने अपनी बुनियादी मांगों को लेकर सड़कों का रुख कर लिया है। पेयजल एवं विद्युत संकट के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सोनीपत-गोहाना मुख्य मार्ग को पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया। चक्का जाम होने के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के बीच तीखी बहस और झड़प की स्थितियां उत्पन्न होती दिखीं।

सत्ताधारी दल के पार्षद भी शामिल

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासनिक मशीनरी पर घोर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार शिकायतें दर्ज कराने के बाद भी कोई ठोस उपाय नहीं किए गए। स्थानीय निवासियों के अनुसार, अब वे चक्का जाम के जरिए ही अपनी आवाज शासन तक पहुंचाएंगे। नागरिकों ने दो टूक लहजे में चेतावनी दी है कि जब तक इस समस्या का कोई परमानेंट इलाज नहीं ढूंढा जाता, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

इस जन-आंदोलन की खास बात यह रही कि आम जनता के इस गुस्से में सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय पार्षद भी अपनी ही सरकार के प्रशासन के खिलाफ सड़क पर बैठे नजर आए। विरोध में शामिल बीजेपी पार्षद ने प्रशासनिक उदासीनता पर क्षोभ प्रकट करते हुए कहा कि उनकी बातों को भी सुनने वाला कोई नहीं है और क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से न तो पानी की बूंद आई है और न ही बिजली की व्यवस्था सुचारू हुई है।

फोन नहीं रिसीव करते जिम्मेदार

विद्युत और जल आपूर्ति की बदहाली को लेकर सोनीपत के अलग-अलग चौराहों और इलाकों में सुबह से लेकर शाम तक प्रदर्शनों का सिलसिला चलता रहा। सभी प्रदर्शनस्थलों पर लोगों की एक जैसी ही शिकायत थी कि विभाग के आला अधिकारी मंचों से तो निर्बाध सेवा के वादे करते हैं, किंतु धरातल पर संकट आने पर वे उपभोक्ताओं के फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझते।

लगातार हो रही ट्रिपिंग और शिकायतों के बाद भी समस्याओं का निराकरण नहीं हो रहा है। कई स्थानों पर शॉर्ट सर्किट की वजह से बिजली के तार जलकर जमीन पर गिर रहे हैं, जिससे हादसों का डर बना हुआ है। शहरवासियों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने तुरंत ही व्यवस्था को स्थायी रूप से ठीक नहीं किया, तो आगामी दिनों में पूरे शहर के मुख्य मार्गों को पूर्णतः ठप कर दिया जाएगा।