अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के मौके पर सोनीपत पुलिस लाइन में पुलिस कर्मियों के लिए एक विशेष एचआईवी/एड्स जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यशाला आयोजित की गई।

संजीव घनगस,सोनीपत। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल, IPS के कड़े दिशा-निर्देशों तथा सोनीपत की पुलिस आयुक्त ममता सिंह, IPS (ADGP) के कुशल मार्गदर्शन में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अंतर्राष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के विशेष अवसर पर पुलिस लाइन सोनीपत के अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल में सभी श्रेणी के पुलिस कर्मियों के लिए एचआईवी/एड्स (HIV/AIDS) विषय पर एक व्यापक संवेदनशीलता एवं जागरूकता कार्यशाला का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य एजेंडा पुलिस विभाग के जवानों को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना और समाज को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाने के साथ-साथ स्वस्थ वातावरण का निर्माण करना रहा।

नोडल अधिकारी ने दिए बचाव टिप्स

इस स्वास्थ्य कार्यशाला में मुख्य वक्ता के तौर पर पहुंचे सामान्य अस्पताल सोनीपत के एचआईवी/एड्स एवं मातृ स्वास्थ्य मामलों के नोडल अधिकारी (उप सिविल सर्जन) डॉ. तरुण यादव ने पुलिस कर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने उपस्थित सभी जवानों को एचआईवी/एड्स फैलने के मुख्य कारणों, इसके शुरुआती लक्षणों, संक्रमण से बचाव के वैज्ञानिक उपायों तथा वर्तमान में उपलब्ध आधुनिक उपचार संबंधी जानकारियों को बहुत विस्तारपूर्वक साझा किया। डॉक्टर यादव ने साफ तौर पर कहा कि पुलिस कर्मियों की दैनिक कार्यशैली हमेशा से अत्यंत चुनौतीपूर्ण, तनावपूर्ण एवं व्यस्त रहती है, इसलिए उन्हें आम नागरिकों की तुलना में अपने व्यक्तिगत स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से अधिक सजग और सावधान रहने की सख्त आवश्यकता है।

नियमित जांच और सावधानी जरूरी

नोडल अधिकारी ने आगे मार्गदर्शन करते हुए सभी पुलिस अधिकारियों से समय-समय पर अपनी नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, जीवन में एक संतुलित जीवनशैली अपनाने तथा विभिन्न प्रकार की संक्रामक एवं घातक बीमारियों के प्रति हमेशा अपडेट रहने का विशेष आह्वान किया। इस सराहनीय अवसर पर डॉ. तरुण यादव के अलावा जिला कार्यक्रम अधिकारी हरीश कौशिक, फार्मेसी अधिकारी देवेंद्र सिंह, डब्ल्यूआई जसमेर सिंह, लाइन अधिकारी उप निरीक्षक कुलदीप और सीडीआई उप निरीक्षक वीरेंद्र सिंह सहित पुलिस विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। विभाग का मानना है कि ऐसे आयोजनों से पुलिस बल के स्वास्थ्य और कार्यक्षमता दोनों में सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।