विकास कुमार, सहरसा। सोनवर्षा राज नगर पंचायत में सफाई कर्मियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से पूरे इलाके में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हड़ताल के पहले दिन ही शहर के सभी 16 वार्डों में कूड़े का उठान ठप हो गया, जिसके चलते प्रमुख सड़कों और गलियों में कचरे के बड़े-बड़े अंबार लग गए हैं। जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों से उठने वाली भीषण दुर्गंध ने स्थानीय रहवासियों का जीना मुहाल कर दिया है।
हड़ताल की मुख्य वजह और मांगें
सफाई कर्मियों ने सोमवार को अपनी मांगों का एक विस्तृत मांगपत्र नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी को सौंपते हुए मंगलवार से काम बंद करने की औपचारिक सूचना दी थी। कर्मियों का आरोप है कि प्रशासन उनकी लंबे समय से चली आ रही जायज मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है। उनके प्रमुख मांगपत्र में ये बिंदु शामिल हैं:
- नगर पंचायत में रिक्त पदों के विरुद्ध दैनिक वेतनभोगी सफाई कर्मियों की स्थायी नियुक्ति।
- सभी कर्मचारियों को हर महीने समय पर मानदेय का पारदर्शी भुगतान।
- बिहार गजट न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के नियमों के तहत ही मेहनताना दिया जाना।
- कार्य के दौरान सुरक्षा और साफ-सफाई के लिए समय पर आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना।
- सभी सफाई कर्मियों का नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करना।
- लगभग डेढ़ महीने पहले हटाए गए 40 मजदूरों को तत्काल प्रभाव से दोबारा काम पर वापस रखना।
प्रशासनिक स्तर पर बातचीत और समाधान की उम्मीद
सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप होने के बाद नगर पंचायत प्रशासन हरकत में आ गया है। इस पूरे मामले को लेकर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी नवीन कुमार ने जानकारी दी है कि हड़ताल समाप्त कराने और स्थिति सामान्य करने के लिए सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत का दौर शुरू कर दिया गया है। प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि आपसी सहमति से जल्द ही कोई सकारात्मक हल निकल आएगा और हड़ताल समाप्त हो जाएगी, जिससे शहरवासियों को इस विकट समस्या से राहत मिल सकेगी।



