आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अमेरिका की अत्यधिक उभोक्तावादी संस्कृति पर जोरदार निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि अगर सारा संसार अमेरिका के जैसी संस्कृति अपनाता है तो मानवता के जीवित रहने के लिए कई पृथ्वी भी कम पड़ जाएगी. मोहन भागवत ने कहा, भारत की बढ़ती ताकत को कमजोर करने के लिए देश और विदेश से झूठी बातें फैलाई जा रही हैं. उन्होंने भारतीय संस्कृति और सभ्यता में ही सही मायने में मानवता के कल्याण की बात कही है.
उन्होंने भारत के लोगों से एकता बनाए रखने और अपने देश की सांस्कृतिक मूल्यों के साथ मजबूती से खड़े रहने की अपील की है.
महाराणा प्रताप जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में भागवत ने कहा, आज के समय में कुछ लोग यह चाहते है कि भारत का उत्थान न हो. इसके लिए लोग कई तरह के हथकंडे भी अपना रहे है. हमारे देश के खिलाफ देश में और देश के बाहर भी गलत खबरें फैलाई जा रही हैं.
RSS प्रमुख ने आगे कहा कि झूठे नैरेटिव बनाकर लोगों को भटकाने का काम किया जा रहा है. भारत की असली ताकत सिर्फ संख्या या भौतिक संसाधनों में नहीं, बल्कि उसके सांस्कृतिक मूल्यों में है.

अमेरिका की ओर सीधे-सीधे इशारा न करते हुए कहा कि जो लोग नैरेटिव बनाए जा रहे हैं, उन्हें भी अपने मूल्यों के आधार पर मजबूती से खड़े रहना होगा, चाहे उनके पास जनसंख्या, सत्ता, पैसा और संगठनात्मक क्षमता जैसी बड़ी ताकतें ही क्यों ना हो.
मोहन भागवत ने लोगों से एकजुट रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि आज की चुनौतियों से निपटने के लिए हमें इतिहास के ऐसे नायकों से सीख लेनी चाहिए. इस दौरान उन्होंने भारत की ओर से पड़ोसियों के लिए हर मुश्किल वक्त में खड़े रहने का भी हवाला दिया. बताया कि किस तरह से मालदीव तक भारत ने पानी पहुंचाया और कैसे चीन के चंगुल में फंसे श्रीलंका की सहायता में आगे बढ़कर कर्तव्य और सद्भावना का परिचय दिया.
RSS प्रमुख ने कहा, भारत का आगे बढ़ना सिर्फ उसके अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के कल्याण के लिए जरूरी है. भारत की असली ताकत सिर्फ संख्या या भौतिक संसाधनों में नहीं, बल्कि उसके सांस्कृतिक मूल्यों में है.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

