दिल्ली के रानी बाग इलाके में एक प्राइवेट बस के अंदर महिला के साथ कथित गैंगरेप की घटना ने राजधानी की कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले को लेकर अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने केंद्र और दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर निशाना साधा है। बताया जा रहा है कि घटना मंगलवार, 12 मई की है। पीड़िता अपनी ड्यूटी खत्म कर घर लौट रही थी। इसी दौरान उसने सड़क पर मौजूद एक युवक से समय पूछा। आरोप है कि इसके बाद महिला को बहला-फुसलाकर प्राइवेट बस में ले जाया गया, जहां उसके साथ दरिंदगी की गई।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आखिर किसी महिला का रास्ते में समय पूछना कैसे अपराध हो सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि राजधानी में महिलाएं आखिर कितनी सुरक्षित हैं और अपराधियों के मन में कानून का डर क्यों नहीं बचा। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में लगातार महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नजर नहीं आ रहे। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने की मांग की।
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “हमने निर्भया से कुछ नहीं सीखा। ये हादसा पूरे समाज के लिए कलंक है।” केजरीवाल ने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर महिलाएं कब तक डर के साये में जीती रहेंगी। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और महिला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की।
दिल्ली गैंगरेप की पीड़िता ने बताई दर्दनाक कहानी
देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। रानी बाग इलाके में एक महिला के साथ कथित गैंगरेप की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 12 मई की रात सड़क किनारे खड़े एक युवक ने उसे एक प्राइवेट स्लीपर बस में ले जाने का प्रयास किया। आरोप है कि इसके बाद बस के अंदर मौजूद ड्राइवर और कंडक्टर ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
शिकायत के अनुसार, वारदात के बाद पीड़िता गंभीर हालत में थी और आरोप है कि उसे बाद में बस से नीचे उतार दिया गया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल और आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और बस व आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह बेहद गरीब परिवार से आती है। उसके पति बीमार रहते हैं और घर में तीन छोटी बेटियां हैं। ऐसे में वही घर की अकेली कमाने वाली सदस्य है। सूत्रों के अनुसार, मेडिकल जांच के बाद पुलिस ने उसे आगे के इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन पीड़िता ने अस्पताल में रुकने से साफ इनकार कर दिया। उसने कहा कि उसे अपने परिवार, खासकर बच्चों और बीमार पति की देखभाल करनी है, इसलिए घर लौटना जरूरी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता की हालत को देखते हुए उसे आवश्यक मेडिकल सहायता और काउंसलिंग दी गई है, लेकिन वह जल्द से जल्द घर जाना चाहती है।
14 साल पुराना निर्भया केस
16 दिसंबर 2012 यह तारीख भारत के इतिहास में एक ऐसे दर्दनाक अध्याय के रूप में दर्ज है, जिसे आज भी “निर्भया केस” के नाम से याद किया जाता है। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और राजधानी दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। यह घटना दिल्ली में एक चलती बस के अंदर हुई थी, जहां एक युवती के साथ बेरहमी से दुष्कर्म किया गया था। पीड़िता को गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क किनारे छोड़ दिया गया था। इस क्रूर घटना ने पूरे देश में आक्रोश और प्रदर्शन की लहर पैदा कर दी थी। पीड़िता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक उसका इलाज चला। तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और उसने दम तोड़ दिया। इस घटना ने देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर व्यापक बहस छेड़ दी थी।
निर्भया कांड के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। लोगों ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कानूनों की मांग की। इसके बाद सरकार ने कई कानूनी सुधार भी किए और यौन अपराधों के खिलाफ सख्त प्रावधान लागू किए गए। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाई। यह फैसला भारत के न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण माना जाता है, जिसने यौन अपराधों के खिलाफ सख्त संदेश दिया।
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