संबलपुर। ओडिशा के संबलपुर में बीजू जनता दल के वरिष्ठ नेता और रेडाखोल के विधायक प्रसन्न आचार्य के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने की चर्चाओं ने राज्य की राजनीति में अचानक गर्मी ला दी थी। हालांकि, खुद प्रसन्न आचार्य ने इन सभी अफवाहों का पूरी तरह से खंडन करते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है।

जन्मदिन के कार्यक्रम से भाजपा में शामिल होने की अटकलें हुई थी तेज

दरअसल, हाल ही में प्रसन्न आचार्य के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और ओडिशा के पंचायती राज मंत्री रवि नायक उपस्थित रहे थे। विरोधी राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं की इस मौजूदगी के बाद राजनीतिक गलियारों में यह कयास लगाए जाने लगे कि प्रसन्न आचार्य जल्द ही बीजेडी छोड़कर भाजपा का दामन थाम सकते हैं।

इन अटकलों का जवाब देते हुए प्रसन्न आचार्य ने कहा कि किसी के जन्मदिन समारोह में अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के शामिल होने में कोई खराबी या राजनीति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्यक्रम का आयोजन एक स्थानीय स्कूल द्वारा किया गया था और उन्हें केवल एक आमंत्रित अतिथि के रूप में वहां बुलाया गया था। व्यक्तिगत सौहार्द और शिष्टाचार को राजनीतिक मोड़ देना सही नहीं है।

प्रसन्न आचार्य ने बीजू पटनायक को किया याद

राजनीतिक चर्चाओं के बीच प्रसन्न आचार्य ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और महान नेता बीजू पटनायक को भावुकता से याद किया। उन्होंने कहा कि बीजू बाबू के दूरदर्शी नेतृत्व में काम करने का अवसर मिलना उनके लिए एक बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि बीजू पटनायक ने राज्य में कई नए नेताओं को गढ़ा और उन्हें हमेशा सही दिशा दिखाई। जब भी कोई गलती होती थी, तो वे एक अभिभावक की तरह डांटते और सुधारते भी थे।” प्रसन्न आचार्य ने जोर देकर कहा कि बीजू बाबू का व्यक्तित्व अद्वितीय था और उनकी तुलना किसी भी अन्य नेता से नहीं की जा सकती।

दल-बदल की अटकलों पर लगा विराम

उनके इस बयान के बाद संबलपुर समेत पूरे ओडिशा के राजनीतिक हलकों में चल रही दल-बदल की अटकलों पर विराम लग गया है।

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