राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव 9 सितंबर को नई दिल्ली से सीधे सागर पहुंचे। उन्होंने जिला अस्पताल में जहरीली शराब के सेवन से गंभीर रूप से बीमार हुए लोगों से मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। सीएम डॉ. यादव ने मरीजों के बेहतर, समुचित उपचार और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यहां अधिकारियों और जन-प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और प्रशासनिक अधिकारियों को इस मामले में कठोर कार्रवाई के लिए फ्री-हैंड दिया। इस मामले में राज्य सरकार किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं है।
मरीजों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से कहा कि मैंनें जहरीली शराब के सेवन से पीड़ित लोगों से मुलाकात की। इस मामले को लेकर प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। कांग्रेस के शासनकाल में इस प्रकार के मामलों को लेकर कठोर कानून नहीं थे। लेकिन, हमारी सरकार ने इस मामले पर कानून बनाया। इसमें 49-क और 304 धारा को जोड़ते हुए हत्या से लेकर, आजीवन कारावास और फांसी तक की सजा का प्रावधान किया।
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कठोर कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने प्रशासन को फ्री हैंड दिया है कि वह कठोर से कठोर कार्रवाई करे। अभी भी जहां-जहां भी कहीं और भी आवश्यकता लगती हो तो कठोर कार्रवाई करे। अवैध अतिक्रमण जैसे मामलों में भी एक्शन ले। उन्होंने कहा कि हमने अधिकारियों से कहा है कि वह सीमा से लगे हुए राज्यों के अधिकारियों से भी संपर्क करें। हम दोषियों पर ऐसी कार्रवाई करेंगे कि दोबारा किसी की इस तरह के काम करने की हिम्मत नहीं होगी। हमने पूरे राज्य में निर्देश दिए हैं।
मिलकर करें चुनौती का सामना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम शराब बंदी के लिए धार्मिक संस्थाओं और सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर अभियान चला रहे हैं। किसी के घर के पिता-पुत्र की मौत होना बहुत कष्टकारी है। इस मामले में कांग्रेस के नेताओं से भी कहना चाहता हूं कि इस तरह के मामले में राजनीति न करके एकजुटता दिखाएं। मैं नेता प्रतिपक्ष से अपील करता हूं कि हम सभी मिलकर इस चुनौती का सामना करें।
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