Business Desk – Stock Market Update Today : घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार, 30 जून को कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. सेंसेक्स करीब 100 अंक की गिरावट के साथ 76,650 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. वहीं निफ्टी 50 अंक से ज्यादा टूटकर 23,900 के स्तर पर ट्रेड कर रहा. बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी (IT) और ऑटो सेक्टर के शेयरों पर देखने को मिल रहा है, जहां निवेशकों की बिकवाली हावी है.

IT और ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
आज के कारोबार में आईटी और ऑटो कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की जा रही है. इसके चलते प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं. शुरुआती कारोबार में निवेशक सतर्क नजर आए और कई सेक्टरों में मुनाफावसूली देखने को मिली.
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में आज मिश्रित कारोबार देखने को मिला. जापान का निक्केई 649 अंक यानी 0.93 प्रतिशत की बढ़त के साथ 70,117 पर कारोबार कर रहा है. साउथ कोरिया का कोस्पी 52 अंक यानी 0.69 प्रतिशत चढ़कर 8,474 पर है. वहीं हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 242 अंक यानी 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,785 के स्तर पर कारोबार कर रहा है.
अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए
सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुए. डाउ जोंस 307 अंक यानी 0.59 प्रतिशत चढ़कर 52,183 पर बंद हुआ. वहीं नैस्डैक 523 अंक यानी 2.07 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,820 पर पहुंच गया. एसएंडपी 500 भी 86 अंक यानी 1.18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 7,440 के स्तर पर बंद हुआ.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) की बिकवाली का सिलसिला जारी है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने आज 1,350 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं. पिछले 7 कारोबारी दिनों में विदेशी निवेशक 2,810 करोड़ रुपए और पिछले 30 दिनों में 46,472 करोड़ रुपए के शेयर बेच चुके हैं. वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने आज 2,802 करोड़ रुपए की खरीदारी की है. पिछले 7 दिनों में उन्होंने 12,187 करोड़ रुपए और पिछले 30 दिनों में 78,958 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे हैं.
एक दिन पहले भी गिरावट में बंद हुआ था बाजार
इससे पहले 29 जून को भी घरेलू शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ था. सेंसेक्स 372 अंक गिरकर 76,728 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 110 अंक टूटकर 23,946 के स्तर पर बंद हुआ था. लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार में कमजोरी से निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है.

