भुवनेश्वर: भारत के मशहूर और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित रेत कलाकार (सैंड आर्टिस्ट) सुदर्शन पटनायक ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है. रूस के कालिनिनग्राद में आयोजित ‘दूसरे अंतरराष्ट्रीय रेत मूर्तिकला महोत्सव’ में उन्हें प्रतिष्ठित ‘रशियन ग्रैंड सैंड मास्टर कप 2026’ से नवाजा गया है. इस गौरवपूर्ण मुकाम को हासिल करने वाले वह देश के पहले भारतीय सैंड आर्टिस्ट बन गए हैं.

सुदर्शन पटनायक ने यह ऐतिहासिक सफलता दुनिया की सबसे गंभीर समस्या ‘जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग’ पर एक बेहद प्रभावशाली और विचारोत्तेजक रेत कलाकृति (Sand Sculpture) बनाकर हासिल की. उनकी 3 मीटर ऊंची इस कलाकृति में पृथ्वी के दो अलग-अलग रूपों को दिखाया गया था. एक तरफ पर्यावरण क्षरण से जूझती धरती और दूसरी तरफ वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण के जरिए जीवन की उम्मीद. इस महोत्सव में दुनिया भर के 12 देशों के शीर्ष कलाकारों ने हिस्सा लिया था, जहां जूरी ने पट्टनायक की कला की जमकर सराहना की.

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान को अपने करियर का एक बड़ा मील का पत्थर बताते हुए सुदर्शन पटनायक ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा: “रूस के कालिनिनग्राद में ‘रशियन ग्रैंड सैंड मास्टर कप 2026’ पाकर मैं बेहद सम्मानित महसूस कर रहा हूँ. ग्लोबल वार्मिंग जैसे वैश्विक मुद्दे पर बनी मेरी कलाकृति को यह पहचान मिलना और पहला भारतीय सैंड आर्टिस्ट बनना मेरे लिए गर्व की बात है. मैं आयोजकों, जूरी सदस्यों और इस यात्रा में मेरा साथ देने वाले सभी शुभचिंतकों का आभार व्यक्त करता हूँ.”

ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले सुदर्शन पटनायक पूरी दुनिया में अपनी सामाजिक, पर्यावरणीय और देशभक्ति से जुड़ी सैंड आर्ट के लिए मशहूर हैं. वे पुरी के समुद्र तट से लेकर वैश्विक मंचों तक अपनी कला के जरिए जन-जागरूकता फैलाते रहे हैं. इससे पहले भी वह कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम कर चुके हैं, जो भारत और विशेषकर ओडिशा के सांस्कृतिक गौरव को दर्शाते हैं.