चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बदलने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।इसके साथ ही यह भी चर्चा होने लगी है कि क्या एक बार फिर से पंजाब में भाजपा और अकाली दल का गठबंधन हो सकता है। आपको बता दे की सुखबीर बादल दिल्ली पहुंचे और उन्होंने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खास मुलाकात की है। इस दौरान दोनों के बीच में पंजाब की राजनीति को लेकर विस्तार से कर चर्चा हुई है।
इस खबर के सामने आने के बाद अब यह अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों ही पार्टियों आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति बनाने में लग चुकी हैं। इसके साथ एक समीकरण यह भी बनता दिख रहा है कि हो सकता है की दोनों पार्टी एक बार फिर से गठबंधन पर भी विचार करें हालांकि इस पूरे मामले में अब तक ना ही बीजेपी से कोई भी संकेत मिला है और नहीं अकलीय दल ने इस पर अब तक कोई बयान दिया है।
2012 चुनाव में दिखा था गठबंधन का असर
आपको बता दें कि पंजाब में लगातार सियासी उठा पटक देखने को मिल रहा है इस बीच भाजपा लगातार खुद को वहां पर मजबूत बनाने के लिए प्रयास करती नजर आ रही है। 2012 में हुए चुनाव की अगर बात करें तो यहां पर दोनों ही पार्टियों के गठबंधन का समीकरण बहुत ही मजबूत नजर आया था।
इस दौरान भाजपा और अकाली दल एक बड़ी ताकत बनकर चुनाव पर बड़ी जीत हासिल की थी। दोनो पार्टी ने मिलकर 68 सीट जीतकर सरकार बनाई थी, जिसमें भाजपा ने 23 सीटों पर चुनाव लड़कर 12 सीट जीती थी और अकाली दल ने 56 सीटों में जीत हासिल की थी। लेकिन यह गठबंधन कृषि कानून के मुद्दे को लेकर टूट गया था जिसका असर 2022 पर होने वाले चुनाव में दोनों पार्टियों के नतीजों में नजर आया।
26 साल पुराने इस गठबंधन के टूटने के बाद दोनों पार्टियों को वोट को लेकर बड़ा घाटा सहना पड़ा था, इस दौरान भाजपा 2 और अकाली दल 3 सीटों में सिमट गई थी।
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