कनाडा से डंकी मारकर कैलिफोर्निया पहुंचे करनाल के सुपनदीप सिंह की अचानक मृत्यु हो गई। अमेरिका में रहने वाले प्रवासी भारतीयों की मदद से शव पैतृक गांव लाया गया।

सुमन चौहान, करनाल। जिले के शेखुपुरा मंचुरी गांव के निवासी सुपनदीप सिंह की पिछले दिनों अमेरिका के कैलिफोर्निया में अचानक दर्दनाक मौत हो गई थी। इस दुखद हादसे के बाद पीड़ित परिवार, स्थानीय ग्रामीणों और अमेरिका में रह रहे प्रवासी भारतीय भाईचारे के लोगों ने एकजुट होकर प्रयास किया और वित्तीय मदद जुटाकर मृतक के पार्थिव शरीर को वापस भारत सुरक्षित भेजा। आज सुपनदीप सिंह का शव जैसे ही उसके पैतृक घर पहुंचा, तो पूरे परिवार का सब्र का बांध टूट गया। अपने लाडले बच्चे को आखिरी बार देखने के लिए मां और परिजनों की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। पूरे गांव ने नम आंखों से इकट्ठा होकर सुपनदीप को अपनी अंतिम भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

डंकी के रास्ते पहुंचा था अमेरिका

मीडियाकर्मियों से भावुक बातचीत में ग्रामीणों ने बताया कि सुपनदीप सिंह अपने परिवार का एकमात्र सहारा था। उसके पिता की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी और वह अपनी बूढ़ी मां तथा बहनों के साथ गांव में रहता था। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने बेहतर भविष्य के सपने देखे थे और वह अपनी १२वीं की परीक्षा पास करने के बाद सबसे पहले कानूनी तौर पर कनाडा गया था। कनाडा पहुंचने के बाद उसने गैरकानूनी तरीके यानी डंकी लगाकर अमेरिका की सीमा में प्रवेश किया था। कैलिफोर्निया में सब कुछ बिल्कुल ठीक चल रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और अचानक उसकी मौत की मनहूस खबर आ गई।

गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार

अपने जवान और इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही इस गरीब परिवार ने अपना सब कुछ खो दिया था। इस गहरे सदमे के बीच पीड़ित परिवार ने सरकार और समाज से बस एक ही भावुक अपील की थी कि उनके बेटे का शव वापस उसके पैतृक गांव लाया जाए, ताकि पूरा परिवार अंतिम बार उसका चेहरा देख सके और विधि-विधान से उसका अंतिम संस्कार किया जा सके। सभी के सामूहिक प्रयासों से आज सुपनदीप का पार्थिव शरीर उसके गांव पहुंचा, जहां अत्यंत गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस घटना से पूरे इलाके में गहरा शोक है।