जुबैर अंसारी, सुपौल। जदिया थाना हाजत में 10 जून को हुई बिट्टू कुमार की संदिग्ध मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस दुखद घटना के बाद मंगलवार देर शाम पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव मृतक के पैतृक गांव सुपौल जिले के कोरियापट्टी पश्चिम पंचायत स्थित रजगांव पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की, उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
परिजनों से मिलकर जताई संवेदना
सांसद के घर पहुंचते ही मृतक की पत्नी काजल देवी समेत परिवार के सदस्य बिलख पड़े। पप्पू यादव ने परिजनों के दुख को साझा करते हुए उन्हें 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। सांसद ने स्पष्ट कहा कि एक परिवार का सहारा छिन जाना अपूरणीय क्षति है, और ऐसी घड़ी में जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य है कि वे पीड़ित के साथ मजबूती से खड़े रहें।
निष्पक्ष जांच और प्रशासन पर दबाव
मीडिया से मुखातिब होते हुए पप्पू यादव ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बिट्टू की मौत के मामले को लेकर उन्होंने डीआईजी और पुलिस अधीक्षक से दूरभाष पर विस्तार से चर्चा की है और मामले की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि बिहार में जिस तरह से अपराध और असुरक्षा की घटनाएं बढ़ रही हैं उससे आम जनमानस में भय व्याप्त है।
सामाजिक सरोकार और जनप्रतिनिधियों का दायित्व
सांसद ने कहा कि वे लगातार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हत्या और संदिग्ध मौतों के पीड़ितों से मिल रहे हैं जो प्रदेश की लचर व्यवस्था को दर्शाता है। उन्होंने जोर देकर कहा, समाज और सिस्टम को आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर क्यों आम आदमी असुरक्षित है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे असल मुद्दों से ध्यान भटकाकर समाज को उलझाया जा रहा है।
अंत में उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर पीड़ित मानवता की सेवा करने की अपील की। पप्पू यादव ने कहा कि मृतक की पत्नी और उनकी छोटी बच्ची का भविष्य अब उनकी प्राथमिकता है और वे इस मामले को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के लिए सरकार पर दबाव बनाए रखेंगे। सांसद के दौरे के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक उपस्थित रहे, जो घटना की निष्पक्ष जांच की मांग पर अडिग हैं।

