Supreme Court Report MP MLA Criminal Cases: देशभर की विभिन्न अदालतों में पूर्व और मौजूदा सांसदों-विधायकों के खिलाफ 4,442 आपराधिक मामले लंबित हैं। पिछले साल 1,243 मामलों का निस्तारण हुआ, लेकिन अब भी 519 मामले 10 साल से ज्यादा समय से लंबित हैं।
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता विजय हंसारिया की ओर से पेश रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान में जुलाई 2026 तक पूर्व और मौजूदा सांसदों-विधायकों के खिलाफ 49 मामले लंबित हैं।

सुप्रीम कोर्ट में पेश हुई रिपोर्ट
पूर्व और मौजूदा सांसदों-विधायकों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों की सुनवाई से जुड़े मामले में न्यायमित्र विजय हंसारिया ने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट पेश की। हंसारिया इस मामले में अब तक सुप्रीम कोर्ट के समक्ष 22 रिपोर्ट पेश कर चुके हैं।रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल पूर्व और मौजूदा सांसदों-विधायकों के खिलाफ 1,050 नए आपराधिक मामले दर्ज हुए। वहीं, अदालतों ने 1,243 मामलों का निस्तारण किया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में मामले लंबे समय से लंबित हैं। इनमें 519 मामले ऐसे हैं, जो 10 साल से अधिक समय से अदालतों में चल रहे हैं।
मौजूदा और पूर्व जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कितने मामले?
रिपोर्ट में मौजूदा और पूर्व सांसदों-विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों का अलग-अलग आंकड़ा दिया गया है।
- मौजूदा सांसदों के खिलाफ: 335 मामले
- पूर्व सांसदों के खिलाफ: 269 मामले
- मौजूदा विधायकों के खिलाफ: 1,222 मामले
- पूर्व विधायकों के खिलाफ: 1,339 मामले
- मुख्यमंत्रियों के खिलाफ: 14 मामले
- जांच अधूरी: 700 मामले
- तीन साल से ज्यादा समय से अधूरी जांच: 360 मामले
राजस्थान में आठ साल बाद 50 से नीचे आया आंकड़ा
रिपोर्ट में राजस्थान की स्थिति भी सामने आई है। राजस्थान हाईकोर्ट की वेबसाइट के अनुसार सांसदों और विधायकों के खिलाफ 41 मामले लंबित हैं। वहीं, न्यायमित्र की निजी जानकारी के मुताबिक यह संख्या 49 है। खास बात यह है कि राजस्थान में करीब आठ साल बाद इस श्रेणी में लंबित मामलों का आंकड़ा फिर से 50 से नीचे आया है।
राजस्थान में लंबित मामलों का आंकड़ा
| समय | लंबित मामले |
|---|---|
| दिसंबर 2018 | 49 |
| दिसंबर 2021 | 56 |
| नवंबर 2022 | 57 |
| जनवरी 2024 | 57 |
| जनवरी 2025 | 53 |
| जुलाई 2026 | 49 |
आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर 2018 में राजस्थान में 49 मामले लंबित थे। इसके बाद यह संख्या बढ़कर 2021 में 56 और नवंबर 2022 तथा जनवरी 2024 में 57 तक पहुंच गई। जनवरी 2025 में यह आंकड़ा 53 रहा। अब जुलाई 2026 में लंबित मामलों की संख्या फिर 49 हो गई है।
700 मामलों में जांच अभी पूरी नहीं
सुप्रीम कोर्ट में पेश रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में पूर्व और मौजूदा सांसदों-विधायकों से जुड़े 700 मामलों में जांच पूरी नहीं हुई है। इनमें 360 मामले ऐसे हैं, जिनकी जांच तीन साल से ज्यादा समय से लंबित है। रिपोर्ट में सामने आए आंकड़े बताते हैं कि मामलों के निस्तारण के साथ-साथ लंबे समय से लंबित जांच और मुकदमों को तेजी से पूरा करना भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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