वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले के खुदागंज थाना क्षेत्र के अर्जुन सरथुआ गांव में एक 21 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। शनिवार से लापता युवती का शव रविवार की देर रात को गांव के खंधा स्थित एक गहरे जलस्रोत से बरामद किया गया। मृतका की पहचान अर्जुन सरथुआ गांव निवासी शन्तन चौरसिया की 21 वर्षीय पुत्री खुशी कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिंचाई के दौरान हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह करीब छह बजे खुशी कुमारी अपनी मां विमला देवी के साथ पान के खेत में सिंचाई करने गई थी। इसी दौरान परिवार के गोतिया पक्ष के लोग भी वहां पहुंचे और पहले अपने खेत की सिंचाई करने की बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली-गलौज की स्थिति उत्पन्न हो गई। मृतका की मां ने पुलिस को दिए आवेदन में दूसरे पक्ष पर दुर्व्यवहार और हाथापाई का आरोप लगाया है।
सोशल मीडिया पर लिखा भावुक पोस्ट
परिजनों ने कहा कि खेत में हुए विवाद के बाद खुशी काफी परेशान और गुमसुम थी। रात में खाना खाने के बाद वह सोने चली गई। रविवार की सुबह जब परिजनों की नींद खुली तो खुशी घर में नहीं मिली। इसके बाद परिवार के लोगों ने आसपास के इलाकों, घरों और खेतों में उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
इसी बीच उसके मोबाइल फोन से सोशल मीडिया पर किए गए एक भावुक पोस्ट की जानकारी परिजनों को मिली। पोस्ट में युवती ने परिवार से जुड़ी परेशानियों और मानसिक तनाव का जिक्र किया था। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को मामले की जानकारी दी।
मुझे माफ कर देना मां- आपकी बेटी खुशी

मृतक युवती खुशी कुमारी ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर शेयर करते हुए उसपर लिखा, मुझे माफ कर देना मां। मैं माफी के लायक तो नहीं हूं फिर भी तू मा है ना मुझे माफ कर देगी ना मां। मैं जा रही हूं आपको हमेशा के लिए छोड़कर, अपना ख्याल रखना। खुशी ने कहा कि, मां हम आपसे बोले थे कि आपको कोई गाली दे या मारे तो मैं उसे नहीं छोडूंगी। लेकिन ऐसा हम कुछ नहीं कर पाए। मां शॉरी…और मैं अपने वादे से मुकर गई। मां अब अपना ख्याल रखना। क्योंकि अब मुझमें जीने की हिम्मत नहीं है।
खुशी ने आगे लिखा कि, मां मुझे सुसाइड करने पर मजबूर कर दिया गया। इस समाज में बिना बाप के बेटी के जीने का अधिकार नहीं है। हम बोले थे की मां आपका साथ कभी नहीं छोड़ेंगे। लेकिन अब मुझमे हिम्मत नहीं रहा। सॉरी आपकी बेटी अपनी फर्ज से पीछे हट गई। मां मुझे माफ कर देना। आपकी बेटी खुशी।
पानी भरे गड्ढे में मिला युवती का शव
खुदागंज थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार गहलोत ने बताया कि मृतका की मां दोपहर में थाने पहुंची थीं और खेत में हुए विवाद के बाद बेटी के लापता होने की सूचना दी थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल सनहा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस टीम गांव पहुंची और विवाद से जुड़े लोगों से पूछताछ की।
पुलिस मामले की जांच कर ही रही थी कि ग्रामीणों से सूचना मिली कि गांव के खंधा में स्थित एक गहरे पानी भरे गड्ढे में युवती का शव दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों एवं गोताखोरों की मदद से शव को पानी से बाहर निकाला गया। शव की पहचान खुशी कुमारी के रूप में हुई।
मृतका के भाई विकास कुमार और चचेरे चाचा सोनू प्रसाद ने बताया कि खुशी परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि पिता की तबीयत ठीक नहीं रहने के कारण घर और पान की खेती से जुड़ी कई जिम्मेदारियां खुशी संभालती थी। परिजनों ने बताया कि वह पढ़ाई में भी अच्छी थी और पुलिस भर्ती परीक्षा में भी शामिल हुई थी।
जांच-पड़ताल में जुटी पुलिस
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बिहार शरीफ सदर अस्पताल भेज दिया है। थानाध्यक्ष ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला मानसिक तनाव से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस दर्दनाक घटना के बाद अर्जुन सरथुआ गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। पुलिस पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए परिजनों के बयान, घटनास्थल और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
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