पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या मामले की जांच अब CBI को सौंप दी गई है। केस हाथ में मिलते ही CBI ने 7 मेंबर्स की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) बना दी है। जानकारी के अनुसार टीम की अगुआई DIG रैंक के अधिकारी करेंगे। वहीं इस केस में अब तक बिहार और यूपी से 3 आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को नॉर्थ 24 परगना के बारासात कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 13 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।

बता दें कि, बंगाल चुनाव नतीजों के दो दिन बाद, 6 मई को नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम में 42 साल के चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावर ने उनकी कार रोककर कई राउंड फायरिंग की, जिसमें उन्हें सीने और पेट में तीन गोलियां लगीं। इस वारदात के बाद पुलिस ने हरकत करते हुए राज्य के बॉर्डर से लगे राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की.

बिहार और यूपी से पकड़े गए 3 आरोपी

इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मयंक राज मिश्रा, विक्की मौर्य और राज सिंह को गिरफ्तार किया है। मयंक और विक्की को बिहार के बक्सर से गिरफ्तार किया गया। वहीं, उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले राज सिंह को अयोध्या से 10 मई को पकड़ा गया था। बता दें इस वारदात में शामिल आरोपियों का सबसे बड़ा सुराग टोल नाके पर इस्तेमाल UPI से मिला. आरोपियों ने टोल नाके पर पैसे देने के लिए UPI का इस्तेमाल किया था जिससे आरोपियों की पहचान करने में बड़ी मदद मिली.

गौरतलब है कि, गिरफ्तारी के बाद राज सिंह का एक पोस्टर सामने आया है। इसमें उसने खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताया है. उसके फेसबुक अकाउंट में मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ की तस्वीर है। पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के साथ उसकी रील भी है. अदालत ने आरोपियों को 24 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। सरकारी वकील बिवास चटर्जी ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने सबूत मिटाने से जुड़ी धारा जोड़ने की मांग की थी, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया

हत्या में 8 लोगों के शामिल होने का शक

जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश और वारदात में कम से कम 8 लोग शामिल थे। आरोपियों ने वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि हमलावरों की कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। यहां कार में मौजूद एक व्यक्ति ने UPI के जरिए टोल पेमेंट किया था। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस ने एक आरोपी की पहचान की और फिर बाकी आरोपियों तक पहुंच गई।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों की पहचान को टोल प्लाजा के CCTV फुटेज और वाहन की तस्वीरों से मैच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक हमलावरों ने पहचान छिपाने और मूवमेंट छुपाने के लिए कई तरीके अपनाए थे।

हमलावरों की कार-बाइक जब्त, नंबर फर्जी निकली

बंगाल पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद रथ की हत्या में सुपारी किलर के शामिल होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने कहा कि शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि रथ की हत्या प्लानिंग के तहत की गई और इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं।

पुलिस ने घटनास्थल से एक कार जब्त की, जिससे रथ की स्कॉर्पियो का पीछा किया गया था। कार की नंबर प्लेट फर्जी निकली। कार का चेसिस और इंजन नंबर मिटाया गया था। इसके अलावा, हमले में दो बाइक शामिल थीं। इनमें से एक मोटरसाइकिल भी घटनास्थल से करीब 4 किमी दूर चाय की दुकान के पास मिली। उसपर भी फर्जी नंबर प्लेट लगी थी।

सुवेंदु TMC में थे, तब से चंद्रनाथ उनके साथ थे

चंद्रनाथ पहले एयरफोर्स में अफसर थे। VRS लेने के बाद कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद राजनीति में आ गए। सुवेंदु जब तृणमूल कांग्रेस में थे, तब से चंद्रनाथ उनके लिए काम कर रहे थे। उन्हें सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी लोगों में गिना जाता था।

चंद्रनाथ 2019 में सुवेंदु की ऑफिशियल टीम का हिस्सा बने, तब सुवेंदु ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। चंद्रनाथ ने भवानीपुर में सुवेंदु के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी। भवानीपुर वही सीट है जहां से सुवेंदु ने ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में करीब 15 हजार वोटों से हराया है।

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