Chittorgarh News: फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर की ओर से वीरांगना महारानी पद्मिनी और हजारों नारियों के जौहर को लेकर दिए गए विवादित बयान पर मेवाड़ सहित देशभर में आक्रोश जताया जा रहा है। चित्तौड़गढ़ में जौहर स्मृति संस्थान और राजपूत समाज के प्रतिनिधियों ने जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर अभिनेत्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस बयान पर सांसद सीपी जोशी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है।

जौहर को पूरे समाज का आत्मोत्सर्ग बताया

जौहर स्मृति संस्थान के अध्यक्ष नारायण सिंह ने कहा कि महारानी पद्मिनी और रानी फूल कंवर के साथ 16 हजार वीरांगनाओं का जौहर केवल एक समाज का विषय नहीं था। उन्होंने इसे छत्तीस कौम का आत्मोत्सर्ग बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सस्ती पब्लिसिटी पाने के लिए अभिनेत्री ने यह बयान दिया है। नारायण सिंह ने कहा कि जौहर के इतिहास और सनातन संस्कृति की समझ के बिना ऐसी टिप्पणी करना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, आक्रांताओं से स्वाभिमान और संस्कृति की रक्षा के लिए वीरांगनाओं ने अग्नि स्नान किया था।

‘किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा’

संस्थान की महिला उपाध्यक्ष निर्मला कंवर ने कहा कि जौहर अंतिम विकल्प और युद्ध से भी बड़ा बलिदान था। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य आक्रांताओं से महिलाओं की देह और अस्मिता की रक्षा करना था।

निर्मला कंवर ने कहा कि वीरांगनाओं के इस अपमान को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान भूपाल शिक्षा समिति के अध्यक्ष नरपत सिंह भाटी, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा जिलाध्यक्ष सहदेव सिंह, भंवर सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, आदित्य सिंह सहित सर्व समाज के कई लोग मौजूद रहे।

सांसद सीपी जोशी ने भी जताई नाराजगी

रानी पद्मावती और चित्तौड़ के ऐतिहासिक जौहर को लेकर दिए गए बयान पर सांसद सीपी जोशी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस ‘दिमागी नक्सली सोच’ को लेकर देश को आगाह किया है, यह बयान उसी मानसिकता का प्रमाण है।

सीपी जोशी ने कहा कि अपनी संस्कृति और गौरवशाली इतिहास का अपमान सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसी कमरों में बैठकर चित्तौड़ की वीरभूमि के इतिहास पर आपत्तिजनक टिप्पणी करना शर्मनाक है।

‘जौहर कायरता नहीं, सर्वोच्च बलिदान’

सांसद ने कहा कि आक्रमणकारियों के सामने महिलाओं के सम्मान और अस्मिता की रक्षा के लिए वीरांगनाओं की ओर से किया गया जौहर कायरता नहीं, बल्कि स्वाभिमान का सर्वोच्च बलिदान था।

उन्होंने कहा कि चित्तौड़ दुर्ग तीन जौहर की अमर गाथाओं का साक्षी है और नारी शक्ति के त्याग का प्रतीक है। सीपी जोशी ने कहा कि सुर्खियां बटोरने के लिए वीरांगनाओं के बलिदान का अपमान करने वाली प्रवृत्ति स्वीकार्य नहीं है।

सांसद ने विवादित बयान देने वाले व्यक्ति से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। साथ ही भविष्य में ऐसी बयानबाजी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की बात कही।

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