Business Desk – Tata Gold ETF Investment : गोल्ड में बड़ा निवेश करने वाले निवेशकों के लिए राहत की खबर है। टाटा म्यूचुअल फंड ने टाटा गोल्ड ETF में 25 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा के निवेश को फिर से शुरू कर दिया है। इसके साथ ही टाटा गोल्ड ETF FOF में लंप-सम निवेश और स्विच-इन पर लगी लिमिट भी हटा दी गई है। यह बदलाव अगली सूचना तक जारी रहेगा। फंड हाउस के मुताबिक, मार्केट की स्थिति सामान्य होने के बाद इन निवेश नियमों में बदलाव किया गया है।

लंप-सम निवेश क्या होता है?

लंप-सम (Lump Sum) का मतलब है एक बार में एकमुश्त रकम निवेश करना। इसमें निवेशक हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा लगाने के बजाय एक ही बार में बड़ी रकम किसी म्यूचुअल फंड स्कीम में लगाता है। उदाहरण के लिए, अगर कोई निवेशक 5 लाख रुपए एक साथ Tata Gold ETF FOF में लगाता है, तो यह लंप-सम निवेश कहलाएगा।

स्विच-इन क्या होता है?

स्विच-इन (Switch-In) का मतलब है एक म्यूचुअल फंड स्कीम से पैसा निकालकर उसी फंड हाउस की दूसरी स्कीम में निवेश करना। उदाहरण के लिए, अगर किसी निवेशक ने Tata Mutual Fund की किसी दूसरी स्कीम में पैसा लगाया है और वह वहां से 2 लाख रुपए निकालकर Tata Gold ETF FOF में निवेश करता है, तो इसे स्विच-इन कहा जाएगा।

25 करोड़ रुपए से ज्यादा निवेश पर लगी थी रोक

टाटा म्यूचुअल फंड ने 5 जून 2026 को बताया था कि उसके साथ सीधे किए जाने वाले 25 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा के निवेश के लिए टाटा गोल्ड ETF में सब्सक्रिप्शन अस्थायी रूप से सीमित किया जाएगा।

यह रोक 8 जून 2026 से लागू हुई थी। अब फंड हाउस ने इस लिमिट को हटा दिया है। यानी बड़े निवेशक टाटा गोल्ड ETF में फिर से 25 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा का निवेश कर सकेंगे।

Gold ETF FOF में भी निवेश की लिमिट हटी

टाटा गोल्ड ETF FOF में भी लंप-सम निवेश और स्विच-इन पर लगाई गई सीमा हटा दी गई है। इससे पहले 8 जून 2026 को दोपहर 3 बजे के कट-ऑफ टाइम के बाद प्राप्त ट्रांजैक्शन के लिए प्रति PAN, प्रति कैलेंडर महीने अधिकतम 10 लाख रुपए के निवेश की अनुमति थी। यह लिमिट पहले होल्डर के स्तर पर लागू थी। अब इस सीमा को भी हटा दिया गया है।

Tata Gold ETF क्या है?

टाटा गोल्ड ETF एक ओपन-एंडेड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड है, जो घरेलू बाजार में सोने की कीमत को ट्रैक करता है। इसलिए इसका प्रदर्शन भारत में सोने की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव से काफी हद तक जुड़ा रहता है।

Tata Gold ETF FOF कैसे काम करता है?

टाटा गोल्ड ETF FOF एक ओपन-एंडेड फंड ऑफ फंड्स स्कीम है। यह सीधे सोने में निवेश करने के बजाय टाटा गोल्ड ETF में निवेश करती है। यानी दोनों योजनाएं सोने से जुड़ी हैं, लेकिन निवेश का तरीका अलग है। Gold ETF सीधे एक्सचेंज ट्रेडेड फंड के जरिए सोने की कीमत को ट्रैक करता है, जबकि Gold ETF FOF टाटा गोल्ड ETF में निवेश करता है।

दोनों फंड का AUM कितना है?

31 जुलाई 2026 तक टाटा गोल्ड ETF का AUM 5,715 करोड़ रुपए था। AUM यानी एसेट अंडर मैनेजमेंट, यानी फंड के तहत निवेशकों के कुल निवेश की राशि। इसी तारीख तक टाटा गोल्ड ETF FOF का AUM 1,389 करोड़ रुपए था।