अजय सैनी, भिवानी। गांव चांग स्थित आईडियल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में साइबर सेफ्टी एवं सिक्योरिटी विषय पर अध्यापक प्रशिक्षणशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल सुरक्षा, साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। प्रशिक्षण सत्र में सीबीएसई रिसोर्स पर्सन प्रिया वागा और सुनील कुमार ने बतौर प्रशिक्षक भाग लिया। उन्होंने उपस्थित शिक्षकों को साइबर सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी।

प्रशिक्षक प्रिया वागा ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि दैनिक जीवन की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग और डेटा चोरी जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।

वहीं, सुनील कुमार ने कहा कि जैसे-जैसे लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन सेवाओं पर अधिक निर्भर हो रहे हैं, साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि अधिकांश साइबर ठगी जागरूकता की कमी के कारण होती है। इसलिए मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना, समय-समय पर पासवर्ड बदलना और किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचना बेहद जरूरी है।

उन्होंने शिक्षकों को साइबर अपराध की स्थिति में भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा जारी साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की भी जानकारी दी।

इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्य नवीन पारिक, प्राथमिक हेड चारू महता, प्रबंधक समिति सदस्य सोमप्रकाश, सुनील रहेजा, हरीश रहेजा तथा विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य नवीन पारिक ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नई तकनीकी चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाते हैं और विद्यार्थियों तक सही जानकारी पहुंचाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।