संजय पाटीदार, भोपाल। प्रदेश में लागू ई-अटेंडेंस प्रणाली की तकनीकी खामियों के कारण शिक्षक और कर्मचारी परेशान हैं। कई स्थानों से शिकायते सामने आ रही है कि कर्मचारी निर्धारित समय पर विद्यालय और कार्यालय पहुंचने के बावजूद अपनी उपस्थिति दर्ज नही करा पा रहे हैं। आरोप है कि ऐप वास्तविक स्थान पर मौजूद कर्मचारियों को कार्यस्थल से कई किलोमीटर दूर दर्शा रहा है, जिससे ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हो रही है।
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हाल ही में सामने आए एक मामले में एक कर्मचारी विद्यालय परिसर में मौजूद था और उसका फेस वेरिफिकेशन भी सफलतापूर्वक हो गया लेकिन सिस्टम ने उसे विद्यालय से करीब 2165 मीटर दूर बताया। इसके चलते लगातार दो दिनों तक उसकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी। ऐसी समस्याएं प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिल रही हैं।
शिक्षकों और कर्मचारियों का कहना है कि जब वे समय पर अपने कार्यस्थल पर उपस्थित हैं तब तकनीकी त्रुटियों के कारण उनकी उपस्थिति दर्ज न होना चिंता का विषय है। उनका कहना है कि यदि विभाग ने ई-अटेंडेंस को अनिवार्य किया है तो विद्यालयों और कार्यालयों की लोकेशन का सही मैपिंग होना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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शिक्षक संगठनों ने मांग की है कि ई-अटेंडेंस प्रणाली में आ रही तकनीकी समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए। साथ ही, जब तक व्यवस्था पूरी तरह सुचारु नहीं हो जाती है तब तक कर्मचारियों को तकनीकी खामियों के कारण अनुपस्थित न माना जाए और उनके हितों की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाए। शासन और विभाग से गलत लोकेशन मैपिंग को सुधारने तथा तकनीकी सहायता तंत्र को मजबूत करने की मांग भी की गई है।

