सतीश दुबे, डबरा। मध्य प्रदेश के डबरा के बिलौआ कस्बे में बड़ी मात्रा में गिट्टी की खदान संचालित होती है। यहां माफिया, प्रशासनिक और राजनीतिक रसूख के चलते खदाने चला रहे हैं। ऐसे ही एक मामले का खुलासा तब हुआ जब क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य नेहा के पति मुकेश परिहार दस्तावेज लेकर SDM कार्यालय तहसीलदार दिव्य दर्शन शर्मा की शिकायत लेकर पहुंचे और ज्ञापन SDM को दिया। 

मामले में बताया गया कि प्रदीप खंडेलवाल की खदान पर 72 करोड़ के जुर्माने के बाद तहसीलदार दिव्य दर्शन शर्मा ने अपनी सास के नाम गिट्टी की खदान की रजिस्ट्री कराई जिसे अब अवैध रूप से संचालित किया जा रहा है। दस्तावेजों में खुद तहसीलदार दिव्य दर्शन शर्मा गवाह बने हैं और उनका फोटो और हस्ताक्षर भी अंकित है।

इसी दौरान जब तहसीलदार अपने कार्यालय से बाहर निकले तो जिला पंचायत सदस्य पति मुकेश परिहार व अन्य ग्रामीणों ने उनसे इस मामले में पूछताछ शुरू कर दी। जब उन्होंने इसे ब्लैकमेलिंग बताया जिसके बाद तीखी बहस देखने को मिली। 

बता दें कि तहसीलदार दिव्य दर्शन शर्मा पहले बिलौआ कस्बे के नायब तहसीलदार रहे हैं। जिसके बाद उनकी पोस्टिंग ग्वालियर हुई। उस समय भी माइनिंग विभाग की कार्रवाई में इस बात का खुलसा हुआ था। उसके बाद भी उन्हें प्रभारी तहसीलदार बनाकर डबरा भेजा गया। आज एक बार फिर उनके संरक्षण में उनकी सास के द्वारा खदान चलाने के आरोप लगे हैं। हालांकि इस शिकायत के बाद मामले की जांच भी SDM के निर्देश पर शुरू की जा रही है।

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