पटना। बिहार के पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल (JJD) के नेता तेज प्रताप यादव को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से जान से मारने और निजी वीडियो वायरल करने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। आरोपी द्वारा इस नंबर के जरिए भारी रकम की मांग की जा रही है और अब पार्टी कार्यकर्ताओं को भी निशाना बनाया जा रहा है।

​2 सितंबर को आया था धमकी भरा कॉल

​पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 2 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 3:11 बजे हुई, जब तेज प्रताप यादव के निजी मोबाइल पर नंबर से एक फोन कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान का प्रतिनिधि बताया और बातचीत के दौरान ही उन्हें जान से मारने की धमकी दे डाली। आरोपी ने उनके एक कथित निजी वीडियो को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने की बात कहकर भारी फिरौती की मांग की। तेज प्रताप ने इसे सुनियोजित रंगदारी और ब्लैकमेलिंग का गंभीर मामला बताया है।

​पार्टी कार्यकर्ताओं को भी बनाया जा रहा निशाना

​शुरुआत में यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत धमकी तक सीमित था, लेकिन 11 सितंबर 2026 को तेज प्रताप ने एक और पोस्ट के जरिए खुलासा किया कि अब इसी नंबर से उनकी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के सक्रिय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को भी डराया-धमकाया जा रहा है। पार्टी से जुड़े पुरुष और महिलाओं को लगातार फोन और संदेश भेजकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ना और उन्हें राजनीतिक रूप से पीछे हटाना प्रतीत होता है।

​प्रशासनिक सुस्ती पर उठे सवाल और संरक्षण की आशंका

​तेज प्रताप यादव ने सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि इस नंबर के बारे में पहले भी सार्वजनिक रूप से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने आशंका जताई है कि इस गंभीर कृत्य के पीछे किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण हो सकता है, जिसके कारण जांच एजेंसियां मुख्य आरोपी तक पहुंचने से बच रही हैं।

​डिजिटल साक्ष्यों की जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

​तेज प्रताप ने जांच एजेंसियों से मांग की है कि उक्त मोबाइल नंबर से जुड़े सभी कॉल रिकॉर्ड्स, मैसेज और डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी रूप से गहन जांच की जाए ताकि असली चेहरे बेनकाब हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इन धमकियों से कतई डरने वाले नहीं हैं और अपनी पार्टी के हर एक कार्यकर्ता के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। उन्होंने प्रशासन से तुरंत निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की अपील की है।