कुंदन कुमार/पटना। बिहार में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त करार देते हुए नीतीश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अपराधियों का बोलबाला, सरकार बेखबर
तेजस्वी यादव ने राज्य में हत्या, बलात्कार, अपहरण, लूट और चोरी जैसी वारदातों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आज बिहार का कोई भी कोना सुरक्षित नहीं है। अपराधी सरेआम वारदातों को अंजाम दे रहे हैं लेकिन सरकार अपनी विफलता को स्वीकार करने के बजाय चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग अपना जुर्म कुबूल करने के लिए तैयार ही नहीं हैं जो स्थिति की गंभीरता को और अधिक भयावह बनाता है।
पुलिस-माफिया का नापाक गठजोड़
नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की पुलिस कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस और अपराधियों का नापाक गठजोड़ आम जनता के लिए नासूर बन चुका है। तेजस्वी ने दावा किया कि एनडीए के नेताओं पुलिस अधिकारियों और माफियाओं के बीच एक गुप्त संधि हो गई है। उनके अनुसार यह पूरा तंत्र राज्य के विकास और कानून व्यवस्था की परवाह किए बिना भ्रष्टाचार और शराब की तस्करी जैसे अवैध धंधों में व्यस्त और मस्त है।
पीड़ित वर्ग का संकट
तेजस्वी यादव ने विशेष रूप से छात्रों, युवाओं, व्यवसायियों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून का डर खत्म हो चुका है जिसके कारण आए दिन निर्दोष लोगों की हत्याएं हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अविलंब ठोस कदम नहीं उठाए तो अराजकता और बढ़ेगी।
इस बयान के साथ ही तेजस्वी ने राज्य की सत्ताधारी गठबंधन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिया है जिससे बिहार की राजनीति में एक बार फिर कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर उबाल आ गया है।

