अविनाश श्रीवास्तव/सासाराम। बिहार के रोहतास जिले में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मांझर कुंड जलप्रपात को लेकर जिला प्रशासन ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। मानसून के दस्तक देते ही इस मनोरम जलप्रपात में पानी का प्रवाह शुरू हो गया है जिसे देखने के लिए पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही थी। लेकिन इस बेतहाशा भीड़ के कारण पैदा हुई अव्यवस्था और गंदगी को देखते हुए प्रशासन ने मांझर कुंड को आगामी एक सप्ताह के लिए पर्यटकों के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित (बंद) कर दिया है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई और अचानक औचक निरीक्षण
मांझर कुंड में बढ़ती अनधिकृत गतिविधियों और गंदगी की शिकायतों के बाद रोहतास के जिलाधिकारी (DM) दीपक कुमार मिश्रा पुलिस अधीक्षक (SP) रौशन कुमार और वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) स्टालिन फिडल कुमार ने दलबल के साथ वहां औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों की टीम को वहां पहुंचते ही अराजकता का माहौल दिखा। कई पर्यटक वहां नियमों को ताक पर रखकर गैस सिलेंडर और चूल्हा लेकर खाना बना रहे थे जिससे पिकनिक स्पॉट के आसपास भारी गंदगी फैल गई थी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि कुछ लोग पिकनिक के नाम पर वहां नशाखोरी जैसी संदिग्ध गतिविधियों में भी संलिप्त थे। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने मौके पर मौजूद लोगों को खदेड़ दिया और कई संदिग्धों की तलाशी भी ली। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कैमूर सेंचुरी (अभयारण्य) के इस संवेदनशील क्षेत्र को प्रदूषित करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
गंदगी और पर्यावरण को खतरा
गौरतलब है कि बारिश शुरू होते ही मांझर कुंड का दृश्य बेहद आकर्षक हो जाता है जिसे देखने के लिए स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से भी पर्यटक आते हैं। हालांकि बड़ी संख्या में पहुंचने वाले पर्यटक अक्सर वहां प्लास्टिक खाने के अवशेष और कचरा फैलाकर चले जाते हैं। इससे न केवल पर्यावरण और वन क्षेत्र दूषित हो रहा है बल्कि यह क्षेत्र की पारिस्थितिकी के लिए भी गंभीर खतरा है।
जिला प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अगले रविवार तक कोई भी पर्यटक मांझर कुंड की ओर रुख न करें। यह बंदी वहां व्यापक स्तर पर सफाई अभियान चलाने और सुरक्षा एवं अन्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से की गई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि कोई पर्यटक प्रतिबंधित क्षेत्र में पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पर्यटकों से अनुरोध है कि वे प्रशासन के इस निर्णय में सहयोग करें ताकि प्रकृति की इस धरोहर को स्वच्छ और सुरक्षित रखा जा सके।

