कुंदन कुमार, पटना। देश के आर्थिक विकास और जीडीपी के आंकड़ों को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव के महंगाई और आर्थिक मोर्चे पर सरकार को घेरने वाले बयानों के बाद, भारतीय जनता पार्टी ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक स्तर पर उथल-पुथल और युद्ध जैसे संकटों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन असाधारण रहा है और विरोधियों की बयानबाजी केवल राजनीतिक कुंठा को दर्शाती है।
महंगाई और आर्थिक संकट पर तेजस्वी यादव का हमला
विपक्ष के प्रमुख नेता तेजस्वी यादव ने हाल ही में केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा निशाना साधते हुए कहा था कि देश में महंगाई आसमान छू रही है, जिससे आम आदमी का जीना मुहाल हो गया है, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया था कि आम जनता की बुनियादी समस्याओं से सरकार का कोई सरोकार नहीं बचा है। तेजस्वी यादव के इन बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई थी कि क्या देश की आर्थिक नीतियां आम नागरिकों को राहत देने में विफल साबित हो रही हैं।
भाजपा का तीखा पलटवार: देश की तरक्की से जलते हैं विरोधी
तेजस्वी यादव के इन तीखे आरोपों का जवाब देते हुए भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने जोरदार पलटवार किया है। भाजपा का पक्ष रखते हुए नेताओं ने कहा कि मौजूदा समय में देश के लिए यह गर्व की बात है कि तमाम वैश्विक चुनौतियों के बावजूद हमारी अर्थव्यवस्था सबसे मजबूत स्थिति में है।
भाजपा नेताओं ने वैश्विक परिस्थितियों का हवाला देते हुए कहा कि दुनिया के आधे हिस्से में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं, जिसकी वजह से समुद्री मार्गों से होने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आवाजाही में भारी बाधाएं आ रही हैं। इसके बावजूद, जहां पूरी दुनिया की औसत जीडीपी वृद्धि दर मात्र तीन प्रतिशत के आसपास सिमट कर रह गई है, वहीं भारत की अर्थव्यवस्था ने अभूतपूर्व मजबूती का प्रदर्शन किया है।
भाजपा ने विरोधी दलों पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध करते-करते अब ये लोग देश की उपलब्धियों का ही विरोध करने लगे हैं। देश की अर्थव्यवस्था जिस तेज गति से आगे बढ़ रही है और वैश्विक मंच पर भारत का डंका बज रहा है, वह बात विपक्ष को रास नहीं आ रही है। आज भारत दुनिया में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है और जीडीपी के मामले में कई मामलों में अग्रणी स्थान पर है।
यह पूरा घटनाक्रम इस बात का गवाह है कि आने वाले दिनों में बिहार और राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग और अधिक तीव्र होने वाली है।



