Business Desk – मैसेजिंग ऐप Telegram एक बार फिर Apple App Store पर वापस आ गया है। कुछ समय के लिए ऐप स्टोर से गायब रहने के बाद कंपनी ने इसकी सर्विस रिस्टोर होने की पुष्टि की है। Telegram ने बताया कि ऐप को दोबारा उपलब्ध करा दिया गया है। जल्द ही यह सभी यूजर्स के लिए सामान्य रूप से दिखाई देगा। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि ऐप स्टोर से Telegram क्यों हटा था या इसे दोबारा रिस्टोर करने की वजह क्या रही।

App Store पर दिख रहा था ‘Page Not Found’ मैसेज

इससे पहले मंगलवार को जब Reuters ने जांच की, तो Apple App Store पर Telegram का पेज दिखाई नहीं दे रहा था। यूजर्स को ऐप खोलने की बजाय एक मैसेज दिख रहा था, जिसमें लिखा था- “The page you are looking for can’t be found.”

यानी जिस पेज को यूजर खोलने की कोशिश कर रहा था, वह उपलब्ध नहीं था। इससे कई यूजर्स के बीच यह सवाल उठने लगे कि आखिर Telegram ऐप कहां गायब हो गया।

अब कंपनी ने दी सफाई

Telegram ने बाद में पुष्टि की कि ऐप को रिस्टोर कर दिया गया है। कंपनी का कहना है कि जल्द ही सभी यूजर्स के लिए ऐप सामान्य रूप से उपलब्ध हो जाएगा। हालांकि, ऐप हटने या वापस आने के पीछे की तकनीकी या प्रशासनिक वजहों का खुलासा नहीं किया गया।

क्या होता है ‘Page Not Found’ या 404 Error?

जब किसी वेबसाइट या ऐप का पेज सर्वर पर उपलब्ध नहीं होता, उसका लिंक निष्क्रिय हो जाता है या सर्वर में तकनीकी दिक्कत आती है, तब ‘Page Not Found’ (404 Error) दिखाई देता है।

इसका मतलब यह नहीं होता कि पूरी वेबसाइट या ऐप हमेशा के लिए बंद हो गया है। कई बार सर्वर अपडेट, तकनीकी समस्या या अस्थायी बदलाव के कारण भी यह एरर दिखाई देता है।

रूस ने Telegram के फाउंडर पर लगाए हैं गंभीर आरोप

हाल के दिनों में Telegram एक और वजह से चर्चा में रहा है। रूस की सुरक्षा एजेंसी Federal Security Service (FSS) ने Telegram के संस्थापक Pavel Durov पर आतंकवाद को बढ़ावा देने से जुड़े आरोप लगाए हैं। इसके बाद रूस ने उन्हें इंटरनेशनल वॉन्टेड लिस्ट में भी शामिल कर दिया।

रूसी एजेंसी का आरोप है कि Telegram ऐसे चैनलों, चैट्स और बॉट्स के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर पाया, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों और चरमपंथी संगठनों द्वारा तोड़फोड़, साइबर फ्रॉड और आतंकी गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।

रूस में Telegram पर पूरी तरह बैन की आशंका

रूस की सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि कई बार चेतावनी देने के बावजूद Telegram प्रशासन ने संदिग्ध चैनलों और बॉट्स को हटाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए। नए केस के बाद रूस में Telegram पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने की संभावना भी बढ़ गई है।

पाबंदियों के बावजूद रूस में लोकप्रिय है Telegram

कड़े सरकारी प्रतिबंधों के बावजूद Telegram रूस के सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले मैसेजिंग ऐप्स में शामिल है। आम लोगों के साथ-साथ कई सरकारी और सैन्य क्षेत्र से जुड़े लोग भी इसका उपयोग करते हैं। यही वजह है कि ऐप से जुड़ा हर बड़ा अपडेट लाखों यूजर्स के लिए अहम माना जा रहा है।