नई दिल्ली के प्रशासनिक केंद्र तक मेट्रो कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने बुधवार से सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर (Central Vista Corridor) के तहत सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन (Central Secretariat metro station) पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। यह स्टेशन तैयार होने के बाद दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण ट्रिपल इंटरचेंज हब (triple-interchange hub) बन जाएगा, जहां 3 प्रमुख मेट्रो लाइनें मैजेंटा, येलो और वायलेट लाइन एक-दूसरे से जुड़ेंगी। इससे यात्रियों को केंद्रीय दिल्ली के प्रशासनिक क्षेत्र तक पहुंचने में काफी सुविधा होगी और इंटरचेंज की प्रक्रिया भी पहले से अधिक सुगम हो जाएगी।

यह प्रोजेक्ट DMRC के फेज-5(A) का हिस्सा है, जिसके तहत जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग तक मैजेंटा लाइन का विस्तार किया जा रहा है। इस विस्तार के तहत सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर में विकसित किया जा रहा सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन आने वाले समय में राजधानी का एक बड़ा इंटरचेंज हब बन जाएगा। यहां मैजेंटा, येलो और वायलेट लाइन आपस में जुड़ेंगी, जिससे केंद्रीय दिल्ली और अन्य हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इस परियोजना का निरीक्षण केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि यह परियोजना दिल्ली के कई हिस्सों को जोड़ने में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि यह करीब 9 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन है, जिससे लाखों यात्रियों को फायदा मिलेगा और रोज़मर्रा की यात्रा और अधिक सुगम हो जाएगी।

सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर में पड़ेंगे 9 स्टेशन

करीब 9.9 किलोमीटर लंबा यह पूरी तरह भूमिगत कॉरिडोर कुल 9 स्टेशनों के साथ विकसित किया जा रहा है। इस कॉरिडोर में जिन स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित है, उनमें शिवाजी स्टेडियम, युगे-युगेन भारत, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ शामिल हैं। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन होगा, जहां पहली बार दिल्ली मेट्रो के तीन प्रमुख रूट मैजेंटा, येलो और वायलेट लाइन एक ही स्थान पर जुड़ेंगे। इससे यात्रियों को केंद्रीय दिल्ली के प्रशासनिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा।

दिल्ली में बन रहा सेंट्रल विस्टा मेट्रो कॉरिडोर राजधानी की कनेक्टिविटी को एक नए स्तर पर ले जाने वाला प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इसके शुरू होने के बाद सेंट्रल विस्टा, लुटियंस दिल्ली, केंद्रीय मंत्रालयों, संसद क्षेत्र, सुप्रीम कोर्ट, इंडिया गेट, नेशनल वॉर मेमोरियल और भारत मंडपम जैसे महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंच पहले की तुलना में काफी तेज और आसान हो जाएगी। सरकार के अनुसार, यह कॉरिडोर केवल एक नई मेट्रो लाइन नहीं है, बल्कि देश के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और संवैधानिक क्षेत्र की पब्लिक ट्रांसपोर्ट रीढ़ को मजबूत करने वाली परियोजना है। इस परियोजना से रोजाना हजारों की संख्या में यात्रा करने वाले सरकारी कर्मचारी, वकील, पर्यटक और आम यात्री सीधे लाभान्वित होंगे।  साथ ही, नई दिल्ली के अत्यधिक व्यस्त इलाकों में सड़क यातायात का दबाव कम होने और ट्रैफिक जाम में राहत मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है।

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