नरेश शर्मा, रायगढ़। जिले में लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में रायगढ़ जिला न्यायालय ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। न्यायालय ने संगठित वाहन चोरी गिरोह के सरगना राज उर्फ राजा खान को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 6 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

सत्र न्यायाधीश रायगढ़ की अदालत में चले विचारण के दौरान यह साबित हुआ कि आरोपी राज उर्फ राजा खान न केवल मोटरसाइकिल चोरी की वारदातों में शामिल था, बल्कि वह एक संगठित अपराध सिंडिकेट का सदस्य होकर लगातार आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।

न्यायालय ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि आरोपी के मेमोरेंडम में दो वर्षों के भीतर करीब 60 मोटरसाइकिल चोरी कर बेचने का उल्लेख है। इसके अलावा आरोपी के विरुद्ध पिछले 10 वर्षों में तीन वर्ष या उससे अधिक सजा वाले कुल 10 अभियोग न्यायालय में प्रस्तुत किए गए, जिससे उसके संगठित अपराध सिंडिकेट से जुड़े होने और लगातार कानून के विरुद्ध कार्य करने की पुष्टि हुई।

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अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2) के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 30 हजार रुपये के जुर्माने तथा धारा 111(4) के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 6 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।

न्यायालय ने आदेश दिया है कि आरोपी को दी गई सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। साथ ही विचाराधीन कैद के दौरान जेल में बिताई गई अवधि को भी सजा में समायोजित करने का निर्देश दिया गया है। इस फैसले को रायगढ़ जिले में संगठित वाहन चोरी गिरोहों के खिलाफ एक बड़ी कानूनी कार्रवाई माना जा रहा है। न्यायालय के इस निर्णय से अपराधियों को स्पष्ट संदेश गया है कि संगठित अपराध और वाहन चोरी जैसे मामलों में कानून अब और अधिक सख्ती से कार्रवाई करेगा।

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