सोनू वर्मा, नूंह। प्रशिक्षु आईएएस अमितेज पांगती ने बुधवार को मांडीखेड़ा स्थित राजकीय अल आफिया सामान्य अस्पताल का दौरा कर कुपोषित बच्चों के उपचार और पुनर्वास व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) की कार्यप्रणाली, उपलब्ध सुविधाओं और बच्चों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान मेडिकल रेजिडेंट ऑफिसर डॉ. प्रवीण ने बताया कि जिले में मध्यम तीव्र कुपोषण (MAM) और गंभीर तीव्र कुपोषण (SAM) से प्रभावित बच्चों की पहचान, उपचार और निगरानी के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अस्पताल में भर्ती बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति, उपचार प्रक्रिया, पोषण आहार और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं से भी प्रशिक्षु आईएएस को अवगत कराया।

अमितेज पांगती ने कहा कि कुपोषण केवल स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास से जुड़ा एक गंभीर सामाजिक मुद्दा है। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, उचित उपचार और नियमित निगरानी के माध्यम से कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपचार के साथ-साथ बच्चों के परिवारों को भी पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता प्रदान की जाए, ताकि कुपोषण की समस्या को जड़ से समाप्त किया जा सके।

समन्वित कार्ययोजना पर जोर

प्रशिक्षु आईएएस ने बताया कि राज्य स्तर पर कुपोषण से निपटने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कुपोषित बच्चों तक समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और उनके स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित करना है।

अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कुपोषण प्रबंधन, पोषण पुनर्वास केंद्र की क्षमता और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तृत प्रस्तुति भी दी।

निरीक्षण के अंत में अमितेज पांगती ने अस्पताल में उपलब्ध व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार के लिए सभी विभागों को मिलकर समर्पित भाव से कार्य करना होगा।

इस अवसर पर अस्पताल प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।