राजधानी दिल्ली में जनगणना प्रक्रिया के पहले चरण के तहत हाउसिंग सर्वे का काम शनिवार से शुरू होने जा रहा है। यह सर्वे दिल्ली नगर निगम (MCD) क्षेत्र में किया जाएगा। इस अभियान के लिए दिल्ली के 12 जिलों में 50 हजार से अधिक कर्मचारियों की तैनाती की गई है। सर्वे के दौरान कर्मचारियों द्वारा घरों, भवनों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एकत्र की जाएगी। सर्वे के दौरान कर्मचारी लोगों के घर-घर जाकर हाउसिंग सर्वे फॉर्म में शामिल 33 सवाल पूछेंगे और उनकी जानकारी दर्ज करेंगे। इसमें मकान, परिवार, बुनियादी सुविधाओं और अन्य आवश्यक विवरणों से जुड़े प्रश्न शामिल हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, जिन लोगों ने पहले ही अपना हाउसिंग सर्वे ऑनलाइन भर दिया है, उनकी दी गई जानकारी का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए संबंधित लोगों को ऑनलाइन फॉर्म जमा करने के बाद मिली ID सर्वे कर्मचारियों को दिखानी होगी। दिल्ली में 16 अप्रैल से ही हाउसिंग सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अधिकारी के अनुसार, पहले चरण में नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) और दिल्ली छावनी क्षेत्र का सर्वे किया गया, जो नई दिल्ली जिले के अंतर्गत आता है। इन दोनों क्षेत्रों में हाउसिंग सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है।

सहयोग नहीं करने पर हो सकती है कार्रवाई

जनगणना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सर्वे में जानकारी देने से इनकार करता है तो पहले उसे समझाने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि बार-बार समझाने के बावजूद यदि कोई व्यक्ति जनगणना में शामिल नहीं होता, तो जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। इस प्रावधान के तहत 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, यदि व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए 3 साल तक की सजा का भी प्रावधान है।

स्वगणना में 1.34 लाख लोगों ने लिया भाग

दिल्ली में जनगणना-2027 के तहत चल रहे हाउसलिस्टिंग फेज का काम शुक्रवार को पूरा हो गया। अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली नगर निगम (MCD) के 250 वार्डों में स्वगणना अभियान के दौरान 1.34 लाख लोगों ने ऑनलाइन जनगणना विवरण जमा किए। अधिकारियों ने बताया कि MCD क्षेत्रों में लगभग 30 से 32 लाख घर हैं। जनगणना कार्य को सुचारु रूप से पूरा करने के लिए वार्डों को करीब 46 हजार हाउसलिस्टिंग ब्लॉकों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक ब्लॉक में लगभग 180 से 200 घर शामिल हैं।

जनगणना कार्य में लगे एक अधिकारी के मुताबिक, नागरिक जनगणना कर्मियों और पर्यवेक्षकों की पहचान सत्यापित करने के लिए उनके पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र देख सकते हैं। इसके अलावा पहचान पत्रों पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन कर उनकी प्रामाणिकता की जांच भी की जा सकती है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) और दिल्ली कैंट क्षेत्रों में स्वगणना और हाउसलिस्टिंग फेज का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है।

जनगणना स्वगणना अभियान पूरा

दिल्ली में एक से 15 मई तक चलाए गए जनगणना-2027 के स्वगणना अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन भागीदारी की। अधिकारियों के अनुसार, इस अवधि में कुल 1,54,127 लोगों ने स्वगणना करने का प्रयास किया। दिल्ली नगर निगम क्षेत्रों में, नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) और दिल्ली कैंट को छोड़कर, 1,32,840 लोगों ने अपनी जनगणना संबंधी जानकारी सफलतापूर्वक ऑनलाइन भरकर प्रक्रिया पूरी की। आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम जिला स्वगणना के मामलों में सबसे आगे रहा, जहां 26,475 लोगों ने स्वगणना का प्रयास किया। इसके बाद उत्तर-पश्चिम जिले में 26,155 और उत्तर-पूर्व जिले में 24,027 मामले दर्ज किए गए।

वहीं, पुरानी दिल्ली जिले में सबसे कम 811 स्वगणना के मामले सामने आए। इसके अलावा बाहरी-उत्तर जिले में 1,155 और मध्य-उत्तर जिले में 3,505 लोगों ने स्वगणना की प्रक्रिया शुरू की। पूर्ण स्वगणना के आंकड़ों में भी दक्षिण-पश्चिम जिला शीर्ष पर रहा, जहां 23,163 लोगों ने प्रक्रिया पूरी की। उत्तर-पश्चिम जिले में 22,661 और उत्तर-पूर्व जिले में 20,762 लोगों ने सफलतापूर्वक स्वगणना पूरी की। इसके विपरीत, पुरानी दिल्ली में सबसे कम 659 पूर्ण स्वगणना दर्ज की गई। बाहरी-उत्तर में 1,053 और मध्य-उत्तर में 3,193 पूर्ण स्वगणना के मामले दर्ज किए गए।

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