Lifestyle Desk – आज के डिजिटल दौर में देर रात तक स्मार्टफोन चलाना लाखों लोगों की रोजमर्रा की आदत बन चुका है. सोशल मीडिया स्क्रॉल करना, घंटों रील्स देखना या फिर चैटिंग करते-करते कब रात के 1 या 2 बज जाते हैं, इसका एहसास भी नहीं होता. हालांकि, यह आदत केवल आपकी नींद और आंखों के लिए ही नहीं, बल्कि त्वचा की सेहत पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. देर रात तक स्क्रीन के सामने समय बिताने और पर्याप्त नींद न लेने से त्वचा की प्राकृतिक मरम्मत प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे समय से पहले कई स्किन समस्याएं सामने आने लगती हैं.

ब्लू लाइट और त्वचा का क्या है संबंध?
स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप जैसी डिजिटल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट का त्वचा पर असर अभी भी शोध का विषय है. हालांकि, लंबे समय तक और लगातार स्क्रीन के संपर्क में रहने के साथ-साथ देर रात तक जागने की आदत त्वचा पर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकती है. इससे त्वचा की चमक कम हो सकती है और समय के साथ पिग्मेंटेशन जैसी समस्याएं बढ़ने की संभावना रहती है. हालांकि, विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि केवल फोन की ब्लू लाइट की तुलना में सूरज की यूवी किरणें त्वचा को कहीं अधिक नुकसान पहुंचाती हैं.
नींद की कमी बिगाड़ सकती है त्वचा की सेहत
रात में पर्याप्त नींद न लेने का असर सबसे पहले चेहरे पर दिखाई देता है. जब शरीर को 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद नहीं मिलती, तो त्वचा खुद को ठीक से रिपेयर नहीं कर पाती. इसका परिणाम डार्क सर्कल, सूजन, बेजान त्वचा और चेहरे की थकान के रूप में सामने आ सकता है. लगातार कई दिनों तक कम नींद लेने से त्वचा की नमी भी कम होने लगती है.
समय से पहले दिख सकते हैं उम्र बढ़ने के संकेत
लगातार देर रात तक जागने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है, जिससे कोलेजन के निर्माण पर असर पड़ता है. कोलेजन त्वचा को कसाव और लचीलापन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसकी कमी के कारण महीन रेखाएं, झुर्रियां और ढीली त्वचा जैसी समस्याएं समय से पहले दिखाई दे सकती हैं.
मुंहासों की समस्या भी बढ़ सकती है
नींद पूरी न होने और तनाव बढ़ने का असर हार्मोनल संतुलन पर भी पड़ता है. इससे त्वचा में अतिरिक्त तेल बनने लगता है, जो रोमछिद्रों को बंद कर सकता है. नतीजतन, मुंहासे और पिंपल्स की समस्या बढ़ सकती है. अगर पहले से ही एक्ने की समस्या है, तो देर रात तक जागने की आदत इसे और गंभीर बना सकती है.
कैसे करें बचाव?
- सोने से कम से कम 30 से 60 मिनट पहले मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए. रात में 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेने की कोशिश करें.
- सोने से पहले चेहरा अच्छी तरह साफ करें और अपनी त्वचा के अनुसार मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करें.
- दिन के समय बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना न भूलें, क्योंकि त्वचा को सबसे ज्यादा नुकसान सूरज की यूवी किरणों से होता है.
- यदि स्क्रीन पर लंबे समय तक काम करना आपकी मजबूरी है, तो बीच-बीच में ब्रेक लें और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं.

