पटना। संसद के मानसून सत्र के दसवें दिन शुक्रवार को बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एक अनोखा और नाटकीय विरोध प्रदर्शन किया। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को उठाने के लिए वह भगवा चोला और साधु के वेश में संसद भवन पहुंचे। उनके इस प्रदर्शन ने सदन से लेकर बाहर तक सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

​नाटक के जरिए सरकार पर निशाना

​संसद परिसर में एक शॉर्ट प्ले का आयोजन किया गया जिसमें पप्पू यादव ने पुजारी की भूमिका निभाई और हाथ में दानपेटी लेकर बैठ गए। इस प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के सांसदों और अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद ने दान देकर इस विरोध का समर्थन किया। प्रदर्शन के दौरान जब पप्पू यादव दान के पैसे अपनी जेब में रखकर भागने का अभिनय करने लगे, तो विपक्षी सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया और चंदा चोर-गद्दी छोड़ के नारे लगाए।

​पारदर्शी जांच और आरटीआई की मांग

​पप्पू यादव ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट के जजों की देखरेख में इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के 100 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है, इसलिए मंदिरों और धार्मिक स्थलों के चढ़ावे का ऑडिट होना चाहिए और इसे आरटीआई के दायरे में लाया जाना चाहिए। इस दौरान प्रियंका गांधी और डिंपल यादव समेत कई दिग्गज विपक्षी नेता भी मौजूद रहे।