राकेश कथूरिया, कैथल। इस्कॉन प्रचार समिति की ओर से अम्बाला रोड स्थित हिंदू गर्ल्स स्कूल में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का चौथा दिन भक्ति के रंग में सराबोर रहा। कथा व्यास श्रीमन साक्षी गोपाल दास जी महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन का असली उद्देश्य केवल भोग-विलास नहीं, बल्कि भगवान का भजन करना है। उन्होंने कहा कि भक्ति की शुरुआत करने की सही उम्र 5 साल है, क्योंकि मानव शरीर बहुत दुर्लभ है और हमें नहीं पता कि यह अवसर हमें दोबारा कब मिलेगा।

आत्माराम भक्तों की महिमा

कथा के सातवें अध्याय में महाराज ने बताया कि जो भक्त आत्मा के स्तर पर आ जाते हैं, उन्हें संसार के मान-अपमान से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने राजा भरत की कथा सुनाते हुए याद दिलाया कि उन्हीं के नाम पर हमारे देश का नाम भारत पड़ा। महाराज ने समझाया कि प्रतिकूल परिस्थितियों में भी भगवान हमारा साथ तभी देते हैं, जब हम अपनी अनुकूल परिस्थितियों में मन लगाकर उनकी भक्ति कर लेते हैं।

महामंत्र से कलयुग का निवारण

प्रेस सचिव भारत मदान ने बताया कि कथा के अंत में महाराज ने भक्तों को कलयुग से पार पाने के लिए हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे महामंत्र का नित्य जाप करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 32 अक्षरों वाले इस दिव्य मंत्र में इतनी शक्ति है कि यह जीव को संसार के दुखों से मुक्त कर सकता है। कथा के दौरान यजमान अमरजीत छाबड़ा, विनोद भल्ला, मदन मंगला और सुनील खुराना समेत अन्य गणमान्य लोगों ने व्यास पीठ का स्वागत कर आशीर्वाद लिया।

जन्माष्टमी उत्सव और मटकी प्रतियोगिता

समिति ने जानकारी दी कि कथा के पांचवें दिन भगवान श्री कृष्ण का जन्माष्टमी उत्सव बहुत धूमधाम से मनाया जाएगा। इस दौरान मटकी प्रतियोगिता का आयोजन होगा और पूरे पंडाल को विशेष रूप से फूलों और खिलौनों से सजाया जाएगा। भक्त हर दिन भगवान के लिए प्रसाद लेकर आते हैं, जिसे भोग लगाने के बाद सभी में वितरित किया जाता है। इस्कॉन समिति ने शहरवासियों से अपील की है कि वे समय पर पहुंचकर कथा का लाभ उठाएं और प्रसाद पाकर अपने जीवन को सफल बनाएं।