Success is a ladder not an escalator… सफलता, किसी भी दौर में ऐसी चीज़ नही रही जो अचानक मिली हो. सफलता एक ऐसी जटिल सीढ़ी है जिसे परिश्रम, धैर्य और निरंतर प्रयासों से धीरे-धीरे चढ़ना होता है। इसके उलट बिना मेहनत हमें ऊंचाई तक लेकर जाता है एस्केलेटर। लेकिन याद रहे जीवन में सफलता का कोई एस्केलेटर नहीं होता। कामयाबी की मंजिल पाने के लिए हर कदम हमें पांव-पांव चलना पड़ता है।
लगातार असफल रहने वालों को कई बार ऐसा महसुस होता है कि उनकी तुलना में दूसरों को सफलता बहुत आसानी से मिल जाती है। लेकिन सच्चाई यह है कि हर व्यक्ति अपने सामर्थ्य के अनुरूप अपनी-अपनी सफलता की सीढ़ियां चढ़ रहे होते हैं सिर्फ उनकी मेहनत और लगन उन्हें शिखर तक पहुंचाती है। सफलता पाने वालों की सफलता दिखाई देती है मगर उनका संघर्ष दिखाई नही देता। कामयाबी के लिए जरूरी है हम अपने हर छोटे कदम को महत्व दें क्योंकि सोपान दर सोपान सफलता की सीढ़ियां, हमें ऊंचाई तक ले जाती हैं। सांसारिक सु-कर्म ही इंसान को मानवता के परम शिखर तक ले जाने वाली सीढ़ियां होती हैं। श्रीरामचरितमानस की एक प्रसिद्ध चौपाई
कर्म प्रधान विश्व रचि राखा। जो जस करहि सो तस फल चाखा॥
अर्थात् विधाता ने इस संसार को कर्म प्रधान बनाया है और यहाँ व्यक्ति जैसा कर्म करता है, उसे वैसा ही फल प्राप्त होता है।इस चौपाई के आधार पर कहा जा सकता है भाग्य या संयोग से ज्यादा महत्वपूर्ण कर्म हैं। आप जितनी लगन से मेहनत करेंगे उसी अनुपात में सफ़ल होंगे।
सच तो ये है सफलता का असली आनंद भी तभी आता है जब हम उसे अपने प्रयासों से हासिल करते हैं। मेहनत का फल बन कर मिली सफलता हमें आत्मविश्वास से भर देता है और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। यह एक अनवरत यात्रा है जिसमें निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे तो एक दिन जरूर अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंच जाएंगे।

संदीप अखिल
सलाहकार संपादक
न्यूज़ 24 मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ / लल्लूराम डॉट कॉम
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