अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कराने वाले पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार किरकिरी हो रही है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक पॉडकास्ट में कहा कि अमेरिका-ईरान समझौते (MoU) का पूरा विवरण जारी करने में देरी की एक वजह यह है कि पाकिस्तान में अमेरिका जैसी प्रेस की आजादी नहीं है. अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान की प्रेस फ्रीडम यानी मीडिया की आजादी को लेकर मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की है.

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान की प्रेस की आजादी की कमी पर सवाल उठाए हैं. वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में पाकिस्तान 153वें स्थान पर है.

अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD वेंस से ईरान-अमेरिका डील की शर्तें सार्वजनिक करने पर सवाल कर उनसे पूछा गया कि समझौते की शर्तें सार्वजनिक करने में इतनी देर क्यों की गयी. JD वेंस ने कहा कि पाकिस्तान और कतर में अमेरिका जैसा First Amendment और प्रेस की पूरी आजादी नहीं है.

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के अनुसार पाकिस्तान और कतर में मीडिया उतनी आजाद नहीं है, जितनी अमेरिका में. उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने मजाकिया लहजे में पाकिस्तान और कतर की प्रेस स्वतंत्रता पर तंज कसा. 

अमेरिकी संविधान का पहला संशोधन सरकार को अभिव्यक्ति, प्रेस और धर्म की स्वतंत्रता को दबाने वाले कानून बनाने से रोकता है. पाकिस्तान में ऐसे मजबूत संवैधानिक सुरक्षा कवच मौजूद नहीं हैं.

यह बात तब उठी जब प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के 15 जून को अंतरिम एग्रीमेंट की घोषणा के बाद दो दिनों तक एमओयू के टेक्स्ट रोके रखने के एडमिनिस्ट्रेशन के फैसले की आलोचना की गई थी. विटकॉफ न्यूक्लियर डील के पहले दौर की बातचीत के लिए स्विट्जरलैंड रवाना हो रहे हैं. अमेरिका में इस डील की शर्तों को सबको सामने लाने में देरी पर सवाल उठाए गए.

जेडी वेंस के इस बयान ने पाकिस्तान में अभिव्यक्ति और प्रेस की स्वतंत्रता में आई भारी गिरावट को दुनिया के सामने ला दिया है. वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में पाकिस्तान 180 देशों में से 153वें स्थान पर है.

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