Dharm Desk – हिंदू धर्म में भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि मतलब श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बहुत पवित्र और फल दायी माना जाता है। इस साल 4 सितंबर शुक्रवार के दिन जन्माष्टमी का बहुत शुभ संयोग बन रहा है। जन्माष्टमी की यह पावन तिथि सिर्फ भगवान श्रीकृष्ण के बाल रूप की आराधना का ही दिन नहीं है। बल्कि यह धन की देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने और घर से दरिद्रता को हमेशा के लिए बाहर निकालने का सबसे अचूक अवसर भी होता है। अक्सर बहुत से लोगों के साथ यह समस्या होती है कि वे दिन-रात कड़ी मेहनत तो करते हैं। लेकिन उनके पास पैसा रुकता ही नहीं है। लक्ष्मी घर में प्रवेश तो करती हैं। परंतु बेवजह की बीमारियों फिजूलखर्चों या पारिवारिक रुकावटों के कारण तुरंत चली भी जाती हैं। यदि जीवन में ऐसी ही आर्थिक तंगी चल रही है। या आप पैसों की किल्लत से परेशान हैं तो इस शुक्रवार को जन्माष्टमी पर किया जाने वाला एक छोटा सा दीपक का उपाय भाग्य के बंद दरवाजे खोलने में मदद कर सकता है।

4 सितंबर को पड़ने वाली इस जन्माष्टमी का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्त्व है। जन्माष्टमी और शुक्रवार का दुर्लभ संयोग बन रहा हैं। क्योंकि शुक्रवार का दिन स्वयं देवी लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस दिन प्रदोष काल में किया गया दीपदान सीधे तौर पर लक्ष्मी प्राप्ति से जुड़ा माना जाता है। इस तिथि पर किया गया पूजा-पाठ और दीपदान घर की नकारात्मक ऊर्जा और वास्तु दोषों को पूरी तरह नष्ट कर देता है। यदि घर की स्त्री इस दिन नियम और निष्ठा के साथ यह कार्य करती है तो घर में सुख, शांति और सकारात्मकता का संचार होता है। इससे जीवन की सभी पुरानी परेशानियां समाप्त होने लगती हैं और धन-धान्य में निरंतर वृद्धि होती है।
उपाय का समय और विधि
प्रदोष काल शाम 5:45 बजे माना गया है। इस उपाय को करने के लिए एक छोटा सा मिट्टी का दिया शुद्ध देसी घी या तेल रुई की बत्ती एक चुटकी शुद्ध पिसी हुई हल्दी और थोड़े से चावल तिल शाम के समय स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें। एक पूजा की थाली में दीपक रखें उसमें घी या तेल डालकर बत्ती लगाएं। अब उस दिए के अंदर एक चुटकी हल्दी जरूर मिलाएं। हिंदू धर्म में हल्दी को भगवान श्री हरि विष्णु और देवी लक्ष्मी का बहुत प्रिय माना गया है। जो सौभाग्य और आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है।
शाम 5:45 बजे घर की स्त्री या साधक अपने पास के शंकर मंदिर जाएं या फिर घर के मुख्य पूजा स्थल पर बैठें। वहां भगवान शंकर और भगवान श्री कृष्ण की प्रतिमा के सामने इस दीपक को प्रज्वलित करें। दीपक जलाते समय मन ही मन देवी लक्ष्मी और श्री हरि विष्णु का ध्यान करते हुए प्रार्थना करें कि आपके घर में सुख-समृद्धि बनी रहे और कंगाली का नाश हो।दीपक जलाते समय उसकी लौ उत्तर या पूर्व दिशा की ओर रखें। पूरी निष्ठा और श्रद्धा से किया गया यह एक छोटा सा काम आपके जीवन में धन और खुशियों के नए रास्ते खोलेगा।



