प्रदीप मालवीय, उज्जैन। सोशल मीडिया के दौर में एक नाबालिग लड़की की तस्वीर का दुरुपयोग कर उसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी युवती की पासपोर्ट साइज फोटो हासिल करने के बाद उसे एडिट कर आपत्तिजनक तस्वीर और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे थे। मामले की शिकायत मिलने के बाद पंवासा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार 21 जून को एक पिता ने थाना पंवासा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बेटी की तस्वीर का गलत इस्तेमाल कर अश्लील सामग्री सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है। वायरल किए गए वीडियो और फोटो में दिखाई देने वाले युवक-युवती का पीड़ित परिवार से कोई संबंध नहीं था। इसके बावजूद लड़की की तस्वीर जोड़कर उसकी छवि खराब करने और परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।
जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। पुलिस को पता चला कि मतदाता संबंधी सरकारी दस्तावेज (एसआईआर फॉर्म) में लगी पीड़िता की फोटो बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी ने व्हाट्सएप के माध्यम से एहसान पटेल को भेजी थी । इसके बाद यह फोटो कई लोगों के बीच साझा होती रही और अंततः इसका दुरुपयोग किया गया।
पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने आपस में फोटो शेयर की और मुजफ्फर पटेल ने किसी अज्ञात युवती की तस्वीर के साथ एडिट कर आपत्तिजनक फोटो तैयार कर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया। पुलिस ने मामले में उपयोग किए गए चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं और उनकी डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
पुलिस ने आबिद पटेल, मुजफ्फर पटेल और एहसान पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं बीएलओ फखरुनिशा उर्फ बेबी के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की गई है। मामले में एक अन्य आरोपी यूसुफ पटेल अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
एडिशनल एसपी आलोक शर्मा का कहना है कि नाबालिग की पहचान और सम्मान की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मामले की जांच जारी है और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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