करनाल के लालपुरा घाट पर गंगा दशहरा के पावन अवसर पर यमुना नदी में स्नान करने गए तीन युवक अचानक गहरे पानी में डूब गए। स्थानीय प्रशासन और गोताखोरों की टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।

करनाल। लालपुरा घाट पर गंगा दशहरा के पावन पर्व पर एक बेहद हृदयविदारक और दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ यमुना नदी में पवित्र स्नान करने गए तीन स्थानीय युवक अचानक गहरे पानी के तेज बहाव में डूब गए। इस भयानक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और घाट पर उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच चीख-पुकार मच गई। लापता युवकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सोमवार को इस विशेष पर्व के चलते यमुना नदी के लालपुरा घाट पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुटेल गामड़ी निवासी शुभम अपने साथी मोंटी, संजू, अंकित, विक्की, रोहित और कृष्ण के साथ यमुना नदी में स्नान कर रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद मुबारकबाद गांव के निवासी रमेश कुमार के गहरे पानी में अचानक डूबने की आवाज सुनाई दी। रमेश को डूबता देख मोंटी और संजू अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचाने के लिए नदी में कूद पड़े। लेकिन नदी की अत्यधिक गहराई और पानी का बहाव तेज होने के कारण तीनों ही युवक पानी के भीतर समा गए, जबकि उनके अन्य साथी सुरक्षित बाहर निकल आए।

इस अप्रत्याशित हादसे की सूचना मिलते ही घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए डायल 112 के माध्यम से पुलिस को सूचित किया। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों और पेशेवर गोताखोरों की टीम के घटना स्थल पर देरी से पहुंचने के कारण पीड़ित ग्रामीणों ने गहरा रोष व्यक्त किया। इसके बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार अरविंद यादव ने पुलिस बल के साथ स्थानीय गोताखोरों की मदद से तुरंत नदी में बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू करवाया। लेकिन देर शाम तक पानी में डूबे युवकों का कोई सुराग नहीं मिल सका था।

जैसे ही इस अनहोनी की खबर गांव मुबारकबाद और कुटेल गामड़ी में पहुंची, दोनों ही गांवों में पूरी तरह मातम पसर गया। बड़ी संख्या में पीड़ित ग्रामीण और व्याकुल परिजन अपनों की आस में लालपुरा घाट पर एकत्रित हो गए। घाट पर मौजूद माताओं की चीखें और परिजनों का विलाप वहां मौजूद हर एक इंसान की आंखें नम कर रहा था। बताया गया है कि नदी में डूबे युवकों में मोंटी और रमेश कुमार अभी अविवाहित थे, जबकि तीसरा युवक संजू तीन छोटे और मासूम बच्चों का पिता था। अपने पिता के घर लौटने के इंतजार में बच्चों की रोती आंखें हर किसी को झकझोर रही थीं।

मामले की पुष्टि करते हुए तहसीलदार अरविंद यादव ने बताया कि गंगा दशहरा के विशेष अवसर पर यमुना नदी में स्नान करने उतरे तीन युवक पानी के तेज बहाव के कारण लापता हो गए हैं। उन्हें सकुशल तलाशने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रशिक्षित गोताखोरों की कई टीमों को लगाया गया है, जो लगातार नदी में सघन सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। इस बेहद दुखद और दर्दनाक हादसे ने गंगा दशहरा के पावन पर्व की खुशियों को अचानक गहरे मातम में बदल दिया है, जिससे संपूर्ण क्षेत्र गहरे सदमे और शोक में डूबा हुआ है।