प्रदीप मालवीय, उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था के दौरान वहां कुछ युवक हिडन कैमरे वाला चश्मा पहनकर मंदिर परिसर में पहुंच गए। युवक की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोका और जांच की, जिसमें चश्मे में हिडन कैमरा लगा होने की जानकारी सामने आई।
जानकारी के अनुसार युवक के साथ मौजूद दो अन्य युवकों को भी रोककर पूछताछ की गई तो उन्होंने भी जो चश्मे पहने थे उनमें हिडन कैमरे लगे थे। प्रारंभिक तौर पर तीनों युवकों के इंदौर निवासी होने की बात सामने आई। तीनों युवक प्रोटोकॉल से यहाँ तक पहुंचे थे । सुरक्षाकर्मियों द्वारा यह पता लगाया गया कि हिडन कैमरे के माध्यम से किसी प्रकार की रिकॉर्डिंग की गई है या नहीं और युवकों का मंदिर में आने का उद्देश्य क्या था। युवकों से जब पूछताछ की गई तो उन्होंने कहां- हम ब्लॉगर है, लेकिन मंदिर में कोई वीडियो नहीं बनाई है।

घटना के बाद मंदिर समिति की सुरक्षा एजेंसी द्वारा युवकों से गहन पूछताछ की गई। मौके पर महाकाल चौकी के पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे और पूरे मामले की जानकारी जुटाई गई। यह घटना शनिवार रात की बताई जा रही है। पूछताछ पूरी होने के बाद तीनों युवकों को समझाइश देकर छोड़ दिया गया।
महाकाल मंदिर जैसे अतिसंवेदनशील धार्मिक परिसर में हिडन कैमरे के साथ युवक के पकड़े जाने की घटना को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से ले रही है। उनकी सतर्कता से ही ऐसे मामले सामने आते हैं।
2 दिन पूर्व भी महाकाल मंदिर में अंगूठी पहनाने की घटना सामने आई थी, जिसमें महाकाल मंदिर प्रबंध समिति द्वारा अंगूठी पहनाने की रील को हटवाया गया था ।

