रायपुर। हमेशा से मेहनतकश किसानों की कर्मभूमि रही है छत्तीसगढ़ की धरती। छत्तीसगढ़ का किसान अपनी मेहनत और पसीने से हमेशा धरती को उपजाऊ बनाता रहा है। एक लंबे समय तक आर्थिक संसाधनों की कमी, साहूकारों के ऊंचे ब्याज और सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलताओं से जूझते छत्तीसगढ़ के किसानों की स्थिति बदलने का संकल्प लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ‘सुशासन तिहार 2026’ जैसे विराट अभियान की शुरुआत की है। सुशासन तिहार एक सरकारी कार्यक्रम के साथ ही साथ आमजन के जीवन में परिवर्तन लाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरकार को जनता के द्वार तक ले जाना और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करना है।

आमगांवघाट के राजू लाल की बदली तकदीर
पहले जब किसानों को खेती के लिए पैसे की जरूरत पड़ने पर साहूकारों के पास जाना पड़ता था मगर अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। सरगुजा जिले के आमगांवघाट निवासी किसान राजू लाल की प्रेरक कहानी राज्य के अन्य किसानों तक भी पहुंचाना आवश्यक है। सुशासन तिहार के तहत आयोजित समाधान शिविर में राजू लाल ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लिए आवेदन किया। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और पारदर्शी प्रक्रिया से उन्हें उसी शिविर में 2 लाख 30 हजार रुपये का KCC लोन स्वीकृत कर दिया गया। उस क्षण को याद करते हुए राजू लाल कहते हैं कि “पहले हमें छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी गांव के साहूकारों के सामने हाथ फैलाना पड़ता था लेकिन अब सरकार ने हमें आत्मनिर्भर बना दिया है।” KCC आत्मविश्वास और सम्मान की पुनर्स्थापना करने वाला एक लोन है।

सुशासन तिहार लेकर आया सरकार को आपके द्वार
1 मई से 10 जून तक चलने वाला छत्तीसगढ़ का महत्वाकांक्षी ‘सुशासन तिहार 2026’ प्रदेश में एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। गांव-गांव में आयोजित समाधान शिविरों में प्रशासन, बैंक और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित होते हैं और वहीं लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान कर रहे हैं। इन शिविरों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां एक ही स्थान में आवेदन से लेकर स्वीकृति तक की पूरी प्रक्रिया पूरी हो रही है। इन शिविरों से लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली है।
किसान क्रेडिट कार्ड से खेती को मिली नई ताकत
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना इस अभियान का केंद्र बिंदु बन रही है। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना किसानों को सस्ता ऋण उपलब्ध करा कर उन्हें आधुनिक खेती की ओर भी अग्रसर कर रही है। गांव में लगाने वाले शिविर में ही आवेदन लेकर कुछ ही समय में कम ब्याज दर पर उसकी स्वीकृति इसकी विशेषता है। ऋण का समय पर भुगतान करने पर मात्र 4% तक ब्याज पर बिना गारंटी 2 लाख से 5 लाख रुपए तक का ऋण दिया जा रहा है। KCC के मदद से किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक और कृषि यंत्रों की सहज उपलब्धता उनको आथिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उनकी खेती को और भी अधिक लाभकारी बना रही है।
नान सहोदर तिर्की की मुस्कान बनी एक और उदाहरण
सरगुजा जिले के ग्राम आमादरहा के किसान नान सहोदर तिर्की की कहानी भी काफ़ी प्रेरक है। नान सहोदर तिर्की ने भी सुशासन तिहार के दौरान KCC के लिए आवेदन किया था और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें शिविर में ही उनका कार्ड सौंप दिया। नान सहोदर तिर्की ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि “अब हमें सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। गांव में ही हमारी समस्याओं का समाधान हो रहा है। यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है।” उनके लिए KCC एक कार्ड के अलावा एक नई शुरुआत का प्रतीक भी है।
साहूकारों से मुक्ति की ओर बढ़ रहे किसानों के कदम
लंबे समय से ग्रामीण क्षेत्रों में किसान, साहूकारों के कर्ज के जंजाल में फंसे रहते थे। ऊंचे ब्याज दर से उनकी आर्थिक स्थिति लचर हो जाती थी। लेकिन अब प्रसाशनिक पहल से उनको स्थिति बदल दी है। KCC के माध्यम से किसानों को उपलब्ध होने वाला सस्ता और सुलभ ऋण किसानों की साहूकारों पर निर्भरता कम कर रही है।इस योजना के बाद छत्तीसगढ़ का किसान आर्थिक और सामाजिक दोनों ही तरफ़ से मज़बूत होकर आत्मसम्मान के साथ जी पा रहे हैं।
गांव-गांव पहुंच रही सरकार
सुशासन तिहार ने सरकार और जनता के बीच की दूरी को खत्म कर दिया है। गांव में ही मौके पर प्रमाण पत्र वितरण, समस्याओं का त्वरित समाधान, योजनाओं का सीधा लाभ, पारदर्शिता और जवाबदेही ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जनहितकारी बना दिया है।समग्रता से देखा जाए तो इस पूरे परिवर्तन के केंद्र में हैं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय। उनका नेतृत्व योजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रतिबद्धता भी दिखाता है। मुख्यमंत्री की स्पष्ट सोच है कि विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, किसान आत्मनिर्भर बने, प्रशासन सरल और सुलभ हो। सुशासन तिहार उनकी इसी सोच का जीवंत उदाहरण है।मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ एक नए विकास मॉडल की ओर बढ़ रहा है जहां समावेशी विकास को प्रमुखता दी जा रही है।
बदलाव की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने किसानों को पहले से अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनया है। राजू लाल और नान सहोदर तिर्की जैसे हजारों किसानों की कहानियां इस बात का पुख़्ता प्रमाण हैं कि उपयुक्त सरकारी योजनाएं जीवन बदलने का भी माद्दा रखती हैं। सुशासन तिहार से जनता के द्वार तक पहुंच कर सरकार ने यह साबित कर दिया है कि ऐसे ही प्रयास से शासकीय योजनाएं कागजों से निकाल कर धरातल पर उतरती है। छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार 2026 कार्यक्रम, जनता और सरकार के बीच विश्वास का सेतु बन चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आरम्भ होने वाला यह कार्यक्रम किसानों के जीवन में नई उम्मीद और नई ऊर्जा लेकर आया है। राजू लाल को शिविर में मिलने वलने वाला 2 लाख 30 हजार रुपये का KCC लोन प्रदेश के विकास की गति का प्रतिनिधित्व करती है जिसका लाभ सीधे आमजन तक पहुंच रहा है।
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