सतीश सिंह, अयोध्या. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की न्यासी मंडल की बुधवार को सम्पन्न हुई बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन और स्वर्ण-रजत चढ़ावे की शुद्धता जांच को लेकर अहम निर्णय लिए गए. ट्रस्ट ने सीईओ के चयन के लिए गठित समिति को एक महीने का अतिरिक्त समय दिया है, जबकि भारतीय रिजर्व बैंक की सहायक संस्था की टकसाल (मिंट) में स्वर्ण और रजत चढ़ावे की मात्रा और शुद्धता की जांच की मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया गया है.
ट्रस्ट के मुताबिक, सीईओ पद के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होने के कारण चयन समिति ने प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी. न्यासी मंडल ने विषय की गंभीरता को देखते हुए यह अनुरोध स्वीकार कर लिया. श्रद्धालुओं की संभावित बढ़ती संख्या को देखते हुए सीईओ की नियुक्ति होने तक एक सचिव की नियुक्ति को भी मंजूरी प्रदान की गई है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए.
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बैठक में मंदिर में आने वाले स्वर्ण और रजत चढ़ावे की मात्रा और शुद्धता की जांच व्यवस्था की समीक्षा भी की गई. न्यासियों ने भारतीय रिजर्व बैंक की सहायक संस्था की टकसाल के साथ संचालित इस प्रक्रिया को संतोषजनक बताते हुए इसे अनवरत जारी रखने का निर्णय लिया। ट्रस्ट का मानना है कि इससे चढ़ावे की पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी.
इसके अलावा, चढ़ावे की राशि की गणना में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ हुए एमओयू के तहत बैंक की जिम्मेदारियों के निर्वहन में हुई त्रुटियों पर भी चर्चा हुई. न्यासी मंडल ने बैंक की प्रतिक्रिया और गंभीरता के अभाव पर निराशा व्यक्त करते हुए वित्त समिति को इस संबंध में मानक प्रक्रियाओं और बैंक के साथ संबंधों की समीक्षा कर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं. ट्रस्ट ने बताया कि इस मामले की जांच कर रही एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है. वहीं, श्रावण मास में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए दर्शन-पूजन और सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई.


