Odisha Desk, सुंदरगढ़ (ओडिशा): ओडिशा के सुंदरगढ़ में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) के ट्रैफिक इंस्पेक्टर मुकेश कुमार मिश्रा को राज्य विजिलेंस विभाग ने 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद जब विजिलेंस अधिकारियों ने आरोपी अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी की, तो वहाँ से 14 लाख 33 हजार रुपये की बेहिसाब नगदी बरामद हुई। घरों में नोटों के बंडल देखकर विजिलेंस के अधिकारी भी हैरान रह गए।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैफिक इंस्पेक्टर मुकेश मिश्रा ने एक ट्रक मालिक से उसके दो हाइवा (Hyva) ट्रकों को अपने अधिकार क्षेत्र में बिना किसी रुकावट या परेशानी के चलाने देने के बदले रिश्वत की मांग की थी। आरोपी अधिकारी ने इसके लिए जून और जुलाई महीने के ‘मासिक कोटे’ के रूप में 20,000 रुपये मांगे थे।

जब ट्रक मालिक ने इस अवैध मांग को पूरा करने में असमर्थता जताई, तो उसने विजिलेंस विभाग से इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद राउरकेला विजिलेंस डिवीजन की टीम ने जाल बिछाया।

योजना के तहत, जैसे ही आरोपी इंस्पेक्टर मुकेश मिश्रा ने राज्य राजमार्ग-10 पर बड़गांव ब्लॉक के पास शिकायतकर्ता से 20,000 रुपये की रिश्वत स्वीकार की, विजिलेंस टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों धर दबोचा। उनके पास से रिश्वत की पूरी राशि बरामद कर ली गई।

गिरफ्तारी के तुरंत बाद, विजिलेंस विभाग ने मुकेश मिश्रा के सुंदरगढ़ स्थित किराए के मकान, उनके कार्यालय और बरगढ़ जिले में स्थित उनके पैतृक आवास पर एक साथ छापेमारी की। सुंदरगढ़ स्थित किराए के आवास से 14.33 लाख बरामद हुई।

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, मुकेश मिश्रा 2015 में ओडिशा मोटर वाहन विभाग (OMVD) में ट्रैफिक सब-इंस्पेक्टर के पद पर भर्ती हुए थे और जुलाई 2022 में उन्हें पदोन्नत कर इंस्पेक्टर बनाया गया था। फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उनकी अन्य संपत्तियों का आकलन किया जा रहा है।

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