आरिफ शेख, श्योपुर। मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से मंगलवार को एक दुखद खबर सामने आई। मादा चीता KGP12 के चारों शावकों की मौत हो गई। करीब एक माह पहले 11 अप्रैल 2026 को जन्मे इन शावकों के शव मंगलवार सुबह मॉनिटरिंग टीम को मादा के पास मिले। शव आंशिक रूप से खाए हुए थे, जिससे किसी अन्य वन्य जीव द्वारा शिकार किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
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वन विभाग के अनुसार सोमवार शाम तक चारों शावक जीवित देखे गए थे, लेकिन मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे श्योपुर टेरिटोरियल डिवीजन में गश्त के दौरान टीम को उनके शव मिले। घटना के बाद पार्क प्रबंधन और वन अमले में हड़कंप मच गया। पूरे इलाके की निगरानी बढ़ा दी गई है और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में शावकों पर किसी जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई गई है, हालांकि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। राहत की बात यह रही कि मादा चीता KGP12 पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है।
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गौरतलब है कि कूनो नेशनल पार्क में वर्तमान में 50 चीते मौजूद हैं, जिनमें 33 भारत में जन्मे चीते शामिल हैं। वहीं गाँधी सागर में 3 चीते हैं। इस घटना के बाद देश में चीतों की कुल संख्या 53 रह गई है। वन विभाग ने बताया कि बाकी सभी चीते स्वस्थ हैं और उनकी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। कूनो नेशनल पार्क के अधिकारीयों ने प्रेस नोट जारी कर के इसकी जानकारी दी हैं।

