एसआर रघुवंशी, गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले के म्याना इलाके में एक बंद मकान से तीन सड़ी-गली लाशें मिलने से फैली सनसनी का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। अवैध संबंध और जमीन की रजिस्ट्री के लालच में एक कलयुगी बेटे ने ही अपनी मां समेत तीन लोगों की बेरहमी से गला घोंटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी बेटे और उसके भांजे को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य साथी की तलाश जारी है।
शवों की अदला-बदली से उलझा था मामला
शुरुआत में यह मामला बेहद उलझ गया था। रविवार को पुलिस ने जिस शव को ओमप्रकाश शर्मा का समझकर परिजनों को सौंपा था और जिसका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया, वह असल में म्याना के ही रामकिशन का निकला। सोमवार को जब पुलिस टीम दोबारा जांच के लिए पहुंची और दूसरे कमरे से दो और शव बरामद हुए, तब असली ओमप्रकाश की लाश की शिनाख्त हो सकी। ओमप्रकाश के शव की पहचान उसके गले में मौजूद चांदी की चेन और बनियान से की गई। तीसरा शव मृतका बिंदाबाई का था।
अवैध संबंध और प्लॉट का लालच बनी हत्या की वजह
पुलिस अधीक्षक (SP) हितिका वासल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतका बिंदाबाई के ओमप्रकाश से अवैध संबंध थे। इसके साथ ही ओमप्रकाश द्वारा बिंदाबाई के नाम एक प्लॉट की रजिस्ट्री कराने की बात भी सामने आई थी। बिंदाबाई का बेटा सीताराम जाटव इस रिश्ते और प्लॉट की रजिस्ट्री को लेकर बेहद नाराज था। इसी लालच और रंजिश के चलते उसने हत्या की खौफनाक साजिश रची।
शराब पिलाकर किया तिहरा कत्ल
आरोपी सीताराम ने अपने भांजे सुरेन्द्र जाटव और एक अन्य साथी के साथ मिलकर 18 जून की रात को इस वारदात को अंजाम दिया। तीनों आरोपियों ने पहले बिंदाबाई, ओमप्रकाश और रामकिशन को जमकर शराब पिलाई। जब वे बेसुध हो गए, तो तीनों की गला घोंटकर बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद सबूत छुपाने और किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपियों ने लाशों को अलग-अलग कमरों में बंद किया और बाहर से ताला जड़कर फरार हो गए।
सीसीटीवी और बयानों के विरोधाभास से खुला राज
मकान से बदबू आने के बाद जब पुलिस ने ताला तोड़ा तो इस खौफनाक हत्याकांड का पता चला। एसपी हितिका वासल के निर्देशन में पुलिस ने जब बारीकी से तफ्तीश शुरू की, तो आसपास के सीसीटीवी फुटेज और मृतका के बेटे सीताराम के बयानों में भारी विरोधाभास देखने को मिला। कड़ाई से पूछताछ करने पर सीताराम टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

