तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें ‘सेवाश्रय’ मामले में लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं। डायमंड हार्बर थाने में दर्ज शिकायत के बाद अब बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन में भी उनके खिलाफ एक नई FIR दर्ज की गई है। शनिवार को बीजेपी नेता अभिजीत दास बॉबी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने शिकायत के आधार पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, एटॉमिक एनर्जी एक्ट और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। मामले में आरोपों की जांच की जा रही है और पुलिस सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
FIR में कई करीबी सहयोगियों के नाम
नई FIR में अभिषेक बनर्जी के अलावा उनके निजी सहायक सुमित रॉय, करीबी सहयोगी अयान घोष दस्तीदार, जहांगीर खान, शमीम अहमद, गौतम अधिकारी, महबूब गायेन, नबाकुमार बेताल, दिलीप मंडल और बबन गाजी को भी आरोपी बनाया गया है। इसके साथ ही सेवाश्रय कैंप में मरीजों की जांच करने वाले डॉक्टरों, लैब टेक्नीशियन, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है।
सरकारी अनुमति और वित्तीय अनियमितताओं पर उठे सवाल
राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद सेवाश्रय को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्रशासन का दावा है कि डायमंड हार्बर में संचालित सेवाश्रय के पास आवश्यक सरकारी अनुमति या लाइसेंस नहीं था। इसके अलावा करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। वहीं, नवान्न से भी विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि बिना वैध अनुमति और लाइसेंस के सेवाश्रय कैंप कैसे संचालित किए गए।
क्या है सेवाश्रय कार्यक्रम?
अभिषेक बनर्जी ने जनवरी 2025 में अपने लोकसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर में ‘सेवाश्रय’ कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जो करीब ढाई महीने तक चला। इसके बाद दिसंबर 2025 में डायमंड हार्बर और नंदीग्राम में दोबारा सेवाश्रय कैंप आयोजित किए गए। विधानसभा चुनाव से पहले नंदीग्राम में इन कैंपों को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो अब कानूनी जांच तक पहुंच गया है।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

