Donald Trump ने मुस्लिम देशों के नेताओं से इजराइल के साथ रिश्ते सामान्य करने की अपील कर पश्चिम एशिया की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। ट्रम्प ने दावा किया कि अगर मुस्लिम देश Israel के साथ संबंध बेहतर करते हैं, तो इससे क्षेत्र में शांति, व्यापार और आर्थिक विकास का नया दौर शुरू हो सकता है।
वर्चुअल बैठक में शामिल हुए कई बड़े नेता
ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने हाल ही में Saudi Arabia, Qatar, Pakistan, Turkey, Egypt और Jordan के नेताओं के साथ वर्चुअल बातचीत की। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ये देश भी Abraham Accords का हिस्सा बनें।
“इजराइल से दोस्ती में ही फायदा”
ट्रम्प के मुताबिक, जो देश पहले से अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल हैं जैसे United Arab Emirates और Bahrain, उन्हें व्यापार, निवेश और कूटनीति में बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने कहा “अगर और मुस्लिम देश इजराइल के साथ रिश्ते सुधारते हैं, तो यह इतिहास का सबसे प्रभावशाली शांति समझौता बन सकता है।” ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि इससे पश्चिम एशिया में “5000 साल बाद पहली बार स्थायी स्थिरता और आर्थिक ताकत” देखने को मिल सकती है।
पाकिस्तान पर बढ़ सकता है दबाव
Pakistan समेत कई मुस्लिम देश अब तक इजराइल को आधिकारिक मान्यता नहीं देते। इन देशों के इजराइल के साथ न तो राजनयिक संबंध हैं और न ही खुला व्यापारिक सहयोग। ऐसे में ट्रम्प की यह पहल पाकिस्तान के लिए नई कूटनीतिक चुनौती मानी जा रही है। खासकर तब, जब अमेरिका क्षेत्र में इजराइल समर्थक नया गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहा है।
मीटिंग में छा गई चुप्पी
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जब ट्रम्प ने नेताओं से इजराइल के साथ रिश्ते सामान्य करने की बात कही, तो कुछ क्षणों के लिए कॉल पर सन्नाटा छा गया। बताया जा रहा है कि Saudi Arabia, Qatar और Pakistan की तरफ से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। स्थिति इतनी शांत हो गई कि ट्रम्प ने मजाक में पूछा “क्या आप लोग अभी भी लाइन पर हैं?”
ईरान को लेकर भी बड़ा बयान
सबसे ज्यादा चर्चा ट्रम्प के उस बयान की हो रही है जिसमें उन्होंने कहा कि अगर Iran भविष्य में समझौते के लिए तैयार होता है, तो उसे भी अब्राहम अकॉर्ड्स में शामिल किया जा सकता है। यह बयान इसलिए अहम है क्योंकि ईरान लंबे समय से इजराइल का खुला विरोध करता रहा है और उसने कभी उसे मान्यता नहीं दी।
क्या है ट्रम्प की रणनीति?
विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रम्प पश्चिम एशिया में एक नया अमेरिकी समर्थक गठबंधन बनाना चाहते हैं, जिसमें इजराइल और प्रमुख अरब देश एक साथ खड़े हों। 2020 में शुरू हुए अब्राहम अकॉर्ड्स ने पहले ही अरब देशों की पुरानी नीति को बदल दिया था, जिसमें फिलिस्तीन मुद्दा सुलझने तक इजराइल को मान्यता न देने की बात कही जाती थी।
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