अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 12 मई (मंगलवार) की रात चीन रवाना हो गए. ट्रंप 8 साल बाद चीन के दौरे पर हैं. वे 13 से 15 मई तक बीजिंग में रहेंगे. इससे पहले वे 2017 में चीन गए थे और उसी दौरे के बाद दुश्मनी शुरू हो गई थी. इस दौरे को दोनों देशों के बीच रिश्तों को स्थिर करने का बड़ा मौका माना जा रहा है, हालांकि ईरान युद्ध की वजह से माहौल थोड़ा जटिल है. 

ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प मंगलवार रात चीन दौरे पर रवाना हुए। ट्रम्प 13 से 15 मई तक बीजिंग में रहेंगे। यह 2017 के बाद उनका पहला चीन दौरा होगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ट्रम्प के बीच गुरुवार और शुक्रवार को अलग-अलग दौर की बातचीत होगी। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ताइवान, रेयर अर्थ मिनरल्स, AI और ईरान युद्ध जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरे में 9 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बोइंग विमान डील हो सकती है।

ट्रंप के साथ एलन मस्क, एप्पल के CEO टिम कुक, बोइंग के CEO रॉबर्ट ‘केली’ ऑर्टबर्ग और एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग जैसे 17 कारोबारी शामिल हैं. 13 मई को एलन मस्क ने X पर ट्वीट कर कहा, ‘एयर फोर्स वन पर ट्रंप के साथ सिर्फ जेन्सन और मैं हूं.’ रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ट्रंप के बीच गुरुवार और शुक्रवार को अलग-अलग दौर की बातचीत होगी.

ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच 7 मुद्दों चर्चा मुमकिन है: व्यापार और टैरिफ, बोइंग विमान डील, सोयाबीन और कृषि उत्पाद, रेयर अर्थ मिनरल्स, AI, सेमीकंडक्टर और टेक्नोलॉजी, ईरान युद्ध, ताइवान

खास बात यह है कि चीन ने पहले ही मार्को रुबियो पर प्रतिबंध लगा रखा था। मार्को रुबियो पहले अमेरिका में सांसद थे और वे अक्सर चीन की आलोचना करते थे। चीन ने उन पर प्रतिबंध लगा दिए थे, जिनमें चीन में आने पर रोक भी शामिल थी। चीन ने मार्को रुबियो के नाम को चीनी भाषा में लिखने का तरीका बदल (ट्रांसलिटरेशन) दिया। माना जा रहा है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि पुराने नाम पर लगे प्रतिबंध नए नाम पर लागू न हों और उनकी चीन यात्रा हो सके।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m