चंकी बाजपेयी, इंदौर। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्विशा शर्मा आत्महत्या मामले में वकील ने पति समर्थ सिंह और उनकी मां (सास) के ऊपर लगाए जा रहे सारे आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच का स्वागत किया है।

कोर्ट के निर्णय के बिना दोषी ठहराने की कोशिश

दरअसल भोपाल की चर्चित ट्विशा शर्मा मौत के मामले में इंदौर में मीडिया से आज चर्चा में कथित आरोपी समर्थ सिंह पक्ष के अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शर्मा ने कहा कि इस मामले में समर्थ और उसकी मां को बिना जांच और न्यायालय के निर्णय के ही दोषी ठहराने की कोशिश की जा रही है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि ट्विशा की मौत के समय वह गर्भवती थी और पति-पत्नी के बीच बच्चे तथा अबॉर्शन को लेकर सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन इन बातों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। अधिवक्ता ने कहा कि यदि मामले की सीबीआई जांच होती है तो उनका पक्ष उसका पूरा समर्थन करेगा, क्योंकि जांच से सच्चाई सामने आएगी।

समर्थ की सदस्यता निरस्त किए जाने पर आपत्ति

बता दें कि 12 मई को ट्विशा शर्मा अपने घर में फांसी के फंदे पर मृत मिली थीं। घटना के बाद पति समर्थ और उसके परिवार ने इसे आत्महत्या बताया था, जबकि ट्विशा के परिजनों ने लगातार प्रताड़ना और हत्या के आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया है। अधिवक्ता ज्ञानेंद्र शर्मा ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा समर्थ की सदस्यता निरस्त किए जाने पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बिना किसी न्यायिक निर्णय के केवल आरोपों के आधार पर किसी अधिवक्ता को दोषी मान लेना न्याय व्यवस्था की मूल भावना के खिलाफ है।

ज्ञानेंद्र शर्मा, समर्थ सिंह के वकील, इंदौर

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m